मध्य प्रदेश

नल जल योजना के कार्य में अनियमितता और लापरवाही का आरोप, ग्रामीणों को हो रही परेशानी

शिकायतकर्ता कुलदीप तिवारी ने सीईओ से जांच एवं कार्यवाही की मांग की
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान।  ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत बरौदा में नल-जल योजना के अंतर्गत कराए जा रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में अनियमितता और लापरवाही का आरोप सामने आया है । ग्राम के कुलदीप तिवारी ने इस संबंध में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है ।
शिकायत में बताया गया है कि ग्राम बरौदा में ग्रामीणों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य संबंधित ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है ।  आरोप है कि कार्य के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइन डालने के लिए नालियां खोदी गईं, लेकिन खुदाई के बाद उन्हें व्यवस्थित तरीके से बंद नहीं किया गया ।  कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में बारिश का मौसम होने के कारण अधूरी खुदाई और खुली नालियां परेशानी का कारण बन रही हैं ।  बारिश होने पर इनमें पानी भर जाने से रास्ते और अधिक खराब हो जाते हैं ।  इससे पैदल चलने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी आवागमन में दिक्कत होती है । ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते अधूरी खुदाई को व्यवस्थित नहीं किया गया तो किसी प्रकार की दुर्घटना भी हो सकती है ।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों और कार्य की गुणवत्ता पर भी उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।  कई स्थानों पर काम शुरू करने के बाद उसे अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है ।  ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित ठेकेदार और कार्य से जुड़े कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद अधूरे कार्य को पूरा कराने की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई ।
*कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जांच की मांग*
कुलदीप तिवारी ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि ग्राम बरौदा में नल-जल योजना के तहत चल रहे कार्य का मौके पर निरीक्षण कराया जाए ।  साथ ही पाइपलाइन की गुणवत्ता, बिछाने के तरीके, खुदाई एवं सड़क की स्थिति तथा अब तक किए गए कार्य की प्रगति की जांच कराई जाए ।
उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान कार्य में लापरवाही, अनियमितता अथवा निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जाना पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ।  इसके साथ ही जहां-जहां खुदाई अधूरी पड़ी है, वहां तत्काल कार्य पूरा कराकर सड़क एवं रास्तों को पूर्व की स्थिति में लाने की मांग की गई है ।
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना का उद्देश्य गांव के लोगों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना है ।  ऐसे में योजना के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही से योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है ।  ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि योजना के कार्यों की नियमित निगरानी कराई जाए और निर्माण एजेंसी को निर्धारित समयसीमा एवं गुणवत्ता के अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए जाएं ।
शिकायतकर्ता कुलदीप तिवारी ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बेहद जरूरी है । यदि समय रहते अधूरे कार्य को पूरा कराकर खुदाई वाले स्थानों को व्यवस्थित नहीं किया गया तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है ।  उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच और आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

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