मध्य प्रदेश

बरहटा पंचायत में सरपंच पति के हस्तक्षेप के आरोप, ग्रामीणों ने जांच और सचिव के तबादले की उठाई मांग

पंचायत के कामकाज में अनियमितताओं का आरोप, गांव में जगह-जगह गंदगी को लेकर भी नाराजगी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहटा में पंचायत संचालन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है ।  ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के निर्वाचित सरपंच की जगह उनके पति पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं ।  पंचायत की बैठकों, विकास कार्यों की निगरानी और अन्य गतिविधियों में सरपंच पति की भूमिका होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत का संचालन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकृत पंचायत अमले के माध्यम से होना चाहिए ।  यदि पंचायत के कार्यों में किसी अनधिकृत व्यक्ति का हस्तक्षेप पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ।
*पंचायत के निर्णय और विकास कार्यों पर उठे सवाल*
ग्रामीणों ने पंचायत में लिए गए विभिन्न निर्णयों और कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की है ।  उनका आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में सड़क, नाली, भवन निर्माण, साफ-सफाई और अन्य कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं ।  ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचायत के हालिया कार्यों का मौके पर निरीक्षण कराने के साथ स्वीकृत राशि, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान रिकॉर्ड और कार्य पूर्णता संबंधी दस्तावेजों का मिलान कराने की मांग की है ।
ग्रामीणों का कहना है कि बरहटा पंचायत में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं ।  उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ।
*पंचायत सचिव सैय्यद अली की भूमिका पर भी सवाल*
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव सैय्यद अली की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं ।  ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के कामकाज में यदि अनधिकृत हस्तक्षेप हो रहा था तो इसकी जानकारी संबंधित उच्च अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी ।
ग्रामीणों ने पंचायत के निर्णय, प्रस्ताव, भुगतान प्रक्रिया और विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की विभागीय जांच कराने की मांग की है ।  उनका कहना है कि जांच में यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए ।
*ढीमरखेड़ा ब्लॉक से सचिव को स्थानांतरित करने की मांग*
ग्रामीणों ने पंचायत सचिव सैय्यद अली को ढीमरखेड़ा विकासखंड से अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई है ।  ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है ।
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर पंचायत के कामकाज, विकास कार्यों और सचिव की भूमिका की समीक्षा कराने तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है ।

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