मध्य प्रदेश

राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन : जिला स्तरीय विज्ञान मेला संपन्न, श्रेष्ठ छह टीमें राज्य स्तर के लिए चयनित

सिलवानी। सेठ अमरचंद समैया सांदीपनि विद्यालय, सिलवानी में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन के अंतर्गत जिला स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपने शोध-पत्रों एवं विज्ञान परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। विद्यार्थियों ने स्थानीय समस्याओं पर आधारित अपने नवाचारी विचारों और प्रयोगों के माध्यम से उत्कृष्ट वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचय दिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सांदीपनि विद्यालय, सिलवानी के प्राचार्य एन. पी. शिल्पी एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्राचार्य ने कहा कि बाल विज्ञान प्रतियोगिता विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा उनके समाधान खोजने की प्रेरणा मिलती है।
जिला समन्वयक दीपक सोनी ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की प्रवृत्ति और रचनात्मकता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यार्थियों को अपने आसपास की स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक समाधान खोजने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में वैज्ञानिक बनने की क्षमता होती है; आवश्यकता केवल उसे सही मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने मार्गदर्शक शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को स्वयं प्रयोग करने, प्रश्न पूछने और नए विचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करें।
निर्णायक शिक्षक अजय चौरसिया ने विद्यार्थियों के शोध-पत्रों का सूक्ष्म अवलोकन किया तथा उनके प्रस्तुतीकरण के आधार पर आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध कार्य में वैज्ञानिक तथ्यों, स्पष्ट निष्कर्षों और स्थानीय उपयोगिता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए शोध-पत्रों एवं परियोजनाओं में आवश्यक सुधार करने की सलाह दी।
निर्णायक मंडल द्वारा श्रेष्ठ छह टीमों का चयन किया गया। इन टीमों की परियोजनाओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु राज्य वैज्ञानिक परामर्श समिति के पास भेजा जा रहा है। समिति द्वारा अंतिम चयन के उपरांत चयनित बाल वैज्ञानिकों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सहभागिता का अवसर मिलेगा।
सिलवानी ब्लॉक बाल विज्ञान सम्मेलन के समन्वयक मयंक रघुवंशी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रतियोगिता की यह गतिविधि भारत सरकार, नई दिल्ली के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद तथा स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त आयोजन से संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करना है। जिला स्तरीय सम्मेलन में चयनित श्रेष्ठ परियोजनाओं को राज्य वैज्ञानिक परामर्श समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ से अंतिम चयन के बाद बाल वैज्ञानिकों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
इस प्रतियोगिता में सिलवानी, बेगमगंज एवं जिले के अन्य अंचलों के बाल वैज्ञानिकों ने अपनी उत्कृष्ट परियोजनाओं का प्रदर्शन किया:
पारंपरिक बीज संरक्षण पद्धति का अध्ययन : सांदीपनि विद्यालय सिलवानी की छात्रा श्रेया यादव व स्मृति रघुवंशी (मार्गदर्शक शिक्षक मयंक रघुवंशी) ने बीज सरंक्षण का प्रबंधन का प्रभावी मॉडल पेश किया।
एआई आर5 सर्कुलरिटी इंजन (AI R5 Circularity Engine): सेंट थॉमस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, बेगमगंज के बाल वैज्ञानिक गौरव गुप्ता (मुख्य अन्वेषक) एवं पुलक जैन ने मार्गदर्शक शिक्षक आयुष बैसवार के निर्देशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा मशीन लर्निंग पर आधारित कचरा पहचान व चक्रीय प्रबंधन प्रणाली प्रस्तुत की।
खाद्य जंगली वनस्पतियों का अध्ययन: शासकीय सांदीपनि विद्यालय, बेगमगंज के शिवम शाक्य व वीरेंद्र ने गोपालपुर के जंगलों में वर्षा ऋतु के दौरान मिलने वाली खाद्य जंगली वनस्पतियों और उनके पोषण मूल्य पर शोध प्रस्तुत किया।
कपड़े के थैलों का प्रभाव आकलन: पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की चंचल साहू व शालू साहू जाटव) ने प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े के थैलों के प्रयोग के प्रभाव का अध्ययन पेश किया।
आरओ रिजेक्ट वॉटर का पुनर्चक्रण: सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल की शाम्भवी व हर्षिता तोमर (मार्गदर्शक शिक्षक लोकेश मिश्रा) ने आरओ रिजेक्ट वॉटर के रासायनिक विश्लेषण (TDS/Hardness) तथा बागवानी में उसके उपयोग हेतु एक स्कूल स्तरीय मॉडल प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थी, मार्गदर्शक शिक्षक तथा शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल नंदन तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी रूपेंद्र ठाकुर , सांदीपनि प्राचार्य एन पी शिल्पी एवं जिला समन्वयक दीपक सोनी, उच्च माध्यमिक शिक्षक अजय चौरसिया, माध्यमिक शाला प्राचार्य सुश्री रत्ना शुक्ला, मयंक रघुवंशी, सहित अन्य अधिकारियों ने चयनित बाल वैज्ञानिकों एवं प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आयोजन को सफल बनाने में सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं आयोजन समिति का विशेष सहयोग रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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