Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 30 अप्रैल 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 30 अप्रैल 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – वैशाख मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि- दशमी तिथि 08:29 PM तक उपरांत एकादशी
✏️ तिथि स्वामी – दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र- आश्लेषा 12:47 PM तक उपरांत मघा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी बुध है। तथा अश्लेषा नक्षत्र के देवता नागों के राजा शेषनाग को माना गया है।
📣 योग : वृद्धि – 11:15:22 तक
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 07:27 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 08:28 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:32:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:28:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:15 ए एम से 04:59 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:37 ए एम से 05:42 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:24 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:54 पी एम से 07:16 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:55 पी एम से 08:00 पी एम
💧 अमृत काल : 12:50 पी एम से 02:37 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:40 ए एम, मई 01
❄️ रवि योग : पूरे दिन
💥 वृद्धि योग – 30 अप्रैल को दोपहर पहले 11 बजकर 17 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में गुड़ चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दादासाहेब फाल्के जन्मोत्सव, आनंदमयी मां जन्म दिवस, आर. शंकर, तुकडोजी महाराज जयन्ती, नरेश चंदर चतुर्वेदी व रोहित शर्मा जन्म दिवस, सिख योद्धा हरि सिंह नलवा पुण्य तिथि, राष्ट्रीय ईमानदारी दिवस, विश्व जैज़ दिवस, आयुष्मान भारत दिवस, मूल समाप्त
✍🏼 विशेष – रविवार को बिल्ब के वृक्ष / पौधे की पूजा अवश्य करनी चाहिए इससे समस्त पापो का नाश होता है, पुण्य बढ़ते है।रविवार के दिन भगवान सूर्य देव को आक का फूल अर्पण करना किसी भी यज्ञ के फल से कम नहीं है, इससे सूर्य देव की सदैव कृपा बनी रहती है ।रविवार को अदरक और मसूर की दाल का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए ।
🕊️ Vastu tips 🦅
गौरैया से दूर हो जाते हैं वास्तु दोष कहा गया है कि अगर गौरैया हमारे घर में घोसला बनाती है तो मानना चाहिए कि सुख-शांति और सौभाग्य आने वाला है। साथ ही हमारे ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि गौरैया के घर में घोसला बनाने से कई तरह के वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। ऐसे में गौरौया के घोसले को कभी भी हटाना नहीं चाहिए।
गौरैया के घोसले का दिशा विचार वहीं जानकार गौरैया के घोसले बनाने में दिशा का विचार भी करते हैं। दिशा विचार में कहा गया है कि अगर गौरैया पूर्व दिशा में अपना घोसला बनाती है इससे घर के लोगों का मान-सम्मान बढ़ता है। अगर गौरैया अपना घोसला दक्षिण-पूर्व अग्नेय कोण में बनाती है तो इसका अर्थ है कि बहुत जल्दी घर में मांगलिक कार्य होने वाले हैं। अगर गौरैया का घोंसला दक्षिण दिशा में है तो इसे माना जाता है कि बहुत जल्दी धन में वृद्धि होने वाली है। वहीं कहा गया है कि अगर दक्षिण-पश्चिम में गौरैया घोंसला बनाएं तो परिवार के सदस्यों की आयु बढ़ेगी। इन सभी मान्यताओं के आधार पर ही कहा जाता है कि गौरैया के घोंसला बनाने से हमें कही भी नुक्सन नही है। गौरैया की आवाज काफी मनमोहक होती है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
प्यास व भूख लगने पर
प्यास लगे तो जल पिये, भूख भोजन खाये |
भ्रमण करे नित भोर में, ता घर वैद्य न जायें ||
जो सदा प्यास लगने पर ही पानी पीता है, भूख लगने पर ही भोजन करता है और नियमितरुप से प्रात:काल में भ्रमण करता है, उसके घर वैद्य नहीं जाते अर्थात वह स्वस्थ्य रहता है |
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
नाभि को साफ़ रखने से मिलेंगे ये फायदे
दिमाग होगा शांत: नाभि की साफ़ सफाई करने के बाद उसकी ऑयलिंग करने से थकान कम होता है और आप स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं। जिस वजह से आपका दिमाग शांत रहता है।
चमकने लगती है स्किन: नाभि की क्लीनिंग करने के बाद उसमे तेल ज़रूर लगाएं। ऐसा करने से आपकी स्किन पर एक चमक दिखाई देती है। दरअसल, बेली बटन में ऑयलिंग का असर आपको पूरी बॉडी पर देखने को मिलता है। नाभि में ऑइलिंग करने से स्किन मॉइस्चराइज़ होती है जिससे आपकी त्वचा चमकदार और दमकती नजर आती है।
जोड़ो के दर्द से मिलेगी राहत: नाभि को साफकर उसपर ऑइलिंग करने से आपके जॉइंट्स के दर्द छू मंतर हो जाते हैं। दरअसल, इस जगह तेल लगाने से जोड़ों की हड्डियां मजबूत होती हैं, जिससे ज्वॉइंट पेन काफी हद तक कम हो जाता है।
आंखों के लिए फायदेमंद: नाभि को साफ और मॉइस्चराइज रखना आंखों की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। नियमित रूप से बेली बटन में तेल लगाने से आंखों में जलन, खुजली और ड्राइनेस की समस्या दूर हो जाती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने शास्त्र के जरिए रणभूमि से मनभूमि में चल रहे युद्ध को जीतने का मार्ग बताया है। साथ ही सफलता, समृद्धि, सुख, सम्मान पाने के तरीके भी बताए हैं। उन्होंने आम आदमी के लिए ऐसी बातें बताईं हैं, जिनकी मदद से वो बेहद खास जीवन जी सकता है। इसके अलावा उन्होंने कुछ गलतियों को लेकर चेताया भी है। यदि व्यक्ति ये गलतियां करने से बचे तो वह अपने जीवन में कई मुसीबतों से बच सकता है। उसमें से कुछ गलतियां ऐसी भी है जो आपको उम्र से पहले ही बूढ़ा कर देती है।
कम उम्र में ही दिखने लगते हैं बूढ़े आचार्य श्री गोपी राम चौथे अध्याय में एक श्लोक के जरिए बताया गया है कि कुछ चीजें महिला-पुरुष और यहां तक कि घोड़े को भी कम उम्र में ही बूढ़ा कर देती हैं। यह श्लोक है, ‘अधवा जरा मनुष्याणां वाजिनां बन्धनं जरा। अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपो जरा।’ जिसका अर्थ है-
पुरुष के जल्दी बूढ़ा दिखने की वजह- ऐसे लोग जो ज्यादातर समय यात्रा करते रहते हैं, वे जल्द ही बूढ़े दिखने लगते हैं। उनके जीवन में नियमितता न होने के कारण ऐसा होता है वे ना तो सही समय पर पोषक भोजन करते हैं, ना ही आराम करते हैं। इसके अलावा उन पर सफर की थकान भी हावी रहती है। ये स्थितियां व्यक्ति के शरीर पर विपरीत असर डालती हैं और वह कम उम्र में ही बूढ़ा दिखने लगता है।
महिला के जल्दी बूढ़ी दिखने की वजह- आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक यदि पति-पत्नी के रिश्ते ठीक न हों तो इसका असर पत्नी पर दिखने लगता है और वह समय से पहले ही बूढ़ी दिखने लगती है। इसमें उनके शारीरिक संबंध ठीक न होना बड़ी वजह है।
घोड़े के जल्दी बूढ़ा दिखने की वजह- घोड़े के बारे में कहा जाता है कि वह कभी बूढ़ा नहीं होता है। लेकिन यदि मनुष्य घोड़े को पालतू बना ले या हर समय बांध कर रखे तो वह जल्दी ही बूढ़ा हो जाता है।
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

