Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 22 मार्च 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग🧾
बुधवार 22 मार्च 2023
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
👣 22 मार्च 2023 दिन बुधवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से चान्द्रसंवत्सरस्यवासन्तनवरात्रस्यचारम्भ: अर्थात् वासन्तीय नवरात्र का आरम्भ हो रहा है। आज कलश स्थापन, ध्वजारोपण, वर्षपति पूजन, साभ्यंगस्नान एवं पञ्चांगफल श्रवण आदि करना चाहिये। आज से वैदिक सनातन हिन्दू धर्म का नववर्ष आरम्भ होता है। महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में नए वर्ष को गुडीपड्वा आदि नामों से मनाया जाता है। आज से वासन्तीय नवरात्र का प्रथम दिन आरम्भ होता है। जिसमे माता शैलपुत्री की पूजा करके नववर्ष मनाया जाता है। आज शस्त्र पूजन करने का भी विधान हमारे है। आप सभी सनातनियों को हिन्दू नववर्ष, गुडीपडवा एवं वासन्तीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनायेँ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर वसंत ऋतु
🌤️ मास – चैत्र मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – प्रतिपदा 21:23 PM बजे तक उपरान्त द्वितीया तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं.इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – उत्तराभाद्रपद 16:27 PM तक उपरान्त रेवती नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं और राशि मीन है, जिसके स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति देव हैं।
🔔 योग – शुक्ल 10:07 AM तक उपरान्त ब्रह्म योग है।
⚡ प्रथम करण : किंस्तुघ्न – 09:33 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 08:20 पी एम तक
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:00 बजे से 13:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🔥 गुलिक काल : बुधवार का (अशुभ) काल 10:57 ए एम से 12:28 पी एम
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:00:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:00:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:49 ए एम से 05:36 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:12 ए एम से 06:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:19 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:32 पी एम से 06:56 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:33 पी एम से 07:44 पी एम
💧 अमृत काल : 11:07 ए एम से 12:35 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, मार्च 23 से 12:51 ए एम, मार्च 23
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकले।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-देवी मंदिर दीपक प्रज्जवलित कर चुनरी अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विक्रम संवत 1980 प्रारम्भ (उ.भा.), श्री शालिवाहन शक 1945 प्रारंभ, वसंतोत्सव, शोभन संवत्सरारंभ, (चैत्र, शुक्ल प्रतिपदा) गुड़ी पड़वा, घट स्थापना/ चैत्र नवरात्रि, झूलेलाल जयन्ती, चन्द्र दर्शन, अभ्यंग स्नान, नवरात्र आरंभ, डॉ हेडगेवार जयन्ती, कोविड-19 महामारी ‘जनता कर्फ्यू’ दिवस, महान क्रांतिकारी सूर्य सेन जन्मोत्सव, सीरियाई विद्रोह दिवस, मुंशी दयानारायण जयन्ती, स्वतंत्रता सेनानी हनुमान प्रसाद पोद्दार पुण्य तिथि, बिहार दिवस, विश्व जल दिवस, पंचक जारी, मूल प्रारंभ
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🧫 कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त:- इस वर्ष 2023 में चैत्र नवरात्र 22 मार्च से शुरु हो रही है। वैदिक धर्म में नवरात्रि का अपना अलग महत्व होता है। नवरात्रि के दिनों मे 9 दिनों तक माता की पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष माता का आगमन नाव पर हो रहा है। माता की विदाई इस वर्ष हाथी पर होगी। पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को नवरात्रि का आरंभ होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नाव पर माता का आगमन शुभ संयोग है। इसके अलावा नौ दिनों की पूजा के बाद माता हाथी पर प्रस्थान करेंगी, इसका भी सकारात्मक महत्व है।
👣 22 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। घरों एवं मंदिरों में 22 तारीख को कलश स्थापना की जाएगी। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 तारीख की रात्रि 11 बजकर 04 मिनट से हो जायेगी। 22 तारीख को प्रातः 08 बजकर 46 मिनट से लेकर 10 बजकर 42 मिनट तक कलश स्थापना किया जा सकता हैं। यह मुहूर्त कलश स्थापना के लिए शुभ रहेगा। अन्य शुभ चौघडियों के अनुसार भी किया जा सकता है।
🤷🏻♀️ अधिकांश घरों में चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना किया जाता है। परन्तु मैं सभी सनातनियों को बताना चाहता हूँ, कि दोपहर राहुकाल में अर्थात् 12 बजे से लेकर 01 बजकर 30 मिनट तक कलश स्थापना न करें। यह समय कलश स्थापना के लिए ठीक नहीं है। वर्ष में चार नवरात्र मनाई जाती है, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि होती है। इन सभी का अपना-अपना महत्व होता है। वहीं, चैत्र नवरात्र को लेकर बताया गया है, कि इस नवरात्र में माता की पूजा अर्चना करने से मानसिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही आध्यात्मिक इच्छा की भी पूर्ति होती है। चैत्र नवरात्रि के दौरान साधना और व्रत करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
👸🏻 माता का आगमन और प्रस्थान:- इस वर्ष चैत्र नवरात्रि में ब्रह्म योग का शुभ संयोग बन रहा है। माता का आगमन नाव पर होने जा रहा है। आगमन के साथ 9 दिनों के बाद माता फिर से प्रस्थान करेंगी। इस वर्ष माता हाथी पर प्रस्थान करेंगी। जिससे इस साल लगातार बारिश होने के संभावनायें बनेंगी ।
👉🏻 चैत्र नवरात्रि पूजा विधि:- नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। प्रतिपदा तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करके पूजा स्थल की साफ-सफाई करके कलश स्थापना करें। इस बात का खास ध्यान दें, कि कलश स्थापना के समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में होने चाहिए। साथ ही कलश को ईशान कोण में रखें। इसके अलावा नौ दिनों तक कलश के पास ही बैठकर पाठ करें और माता एवं कलश की पूजा करें।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर में इस वृक्ष का उगना होता है अशुभ वैसे तो पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है क्योंकी पीपल के पेड़ में देवताओं का वास होता है लेकिन पीपल के पेड़ का घर में होना वास्तु शास्त्र के अनुसार उचित नहीं माना जाता है। इसलिए पीपल के पेड़ को घर में नहीं उगने देना चाहिए और उग आये तो उसे हटा देना चाहिए।
करें ये उपाय
पीपल का पेड़ घर के में होने से परिवार के लोग तरक्की नहीं कर पाते और इसके होने से रोज नयी समस्याओं का जन्म होता है। पीपल के पेड़ को काटना नहीं चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है, अगर किसी विशेष परिस्थिति में कटना पड़े तो उसकी पूजा करके रविवार को ही काटना चाहिए और किसी दिन नहीं काटना चाहिए ।
पीपल के पेड़ की पूजा करने के हैं बहुत लाभ वास्तु शास्त्र में पीपल के पेड़ की पूजा करने के कई लाभ बताए गए हैं। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से शनिदेव खुश होते हैं और शनि दोष दूर होता है। साथ ही तमाम दुखों से छुटकारा मिलता है।
▶️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बीमारी क्या खबर देती हैं ?
जो भी बिमारी आती है वह खबर देती है कि तुम खान-पान में संयम करो | पेट बाहर है तो हफ्ते में एकाध उपवास करो अथवा 15 दिन में एकादशी का व्रत रखो | कुछ नही खाओ, केवल नीबूं पानी अथवा गुनगुना पानी पियो | लड़्घनं परमौषधम |….. अर्धरोगहरि निद्रा सर्वरोगहरि क्षुधा | उपवास और आराम बीमारियों को खा जायेगा | व्यक्ति दवाई से इतना जल्दी ठीक नहीं होता जितना उपवास से ठीक होता है |
उपवास में कमजोरी लगे तो 15 से 25 ग्राम किशमिश धो के खा लो, बस हो गया | सारी बीमारी निकल जाती है | द्राक्ष, किशमिश लोग ऐसे ही खा लेते है | इन पर जंतुनाशक दवा डालते हैं, जो कि जहरी, हानिकारक होती है | इन्हें 6-8 बार अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए | कभी गोमूत्र (या गोमूत्र अर्क) की कुछ बूँदे पानी में डाल के उससे भी धो सकते हैं |
प्राणायाम करो, सूर्यनारायण को अर्ध्य दो और नाभि पर सूर्यनारायण का ध्यान करो | इससे आरोग्य प्राप्त होता है |
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
*नींद में खर्राटे आयें तो सावधान !
40 प्रतिशत लोगों को खर्राटे थकान के कारण आते हैं और 60 प्रतिशत लोगों को जो खर्राटे आते हैं वे संकेत देते हैं कि शरीर में रोग जमा हो रहा है | इसका जल्दी इलाज करो, नहीं तो ह्रदयघात उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप (low B.P.) की समस्या पैदा हो सकती है | किसी भी थोड़ी-सी बीमारी में ज्यादा धक्का लग सकता है |
खर्राटे आते हैं तो उनको नियंत्रित करने का उपाय बताता हूँ | 5 ग्राम गुड़, 10 मि.ली. अदरक का रस व संतकृपा चूर्ण मिला के थोडा-थोडा लो | खर्राटे बंद हो जायेंगे, कफ और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित हो जायेगा | 21 दिन करो | फिर 5-10 दिन छोडो, फिर करो | नाड़ियाँ साफ़ हो जायेंगी | केला, फलों का र्स, मिठाई- इनका सेवन नहीं करना |
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
शास्त्र नीति में पैसा, सेहत, बिजनेस, दांपत्य जीवन, समाज और जीवन में सफलता, सुख और दुख से जुड़ी चीजों के बारे में जानकारी दी गई है. अगर कोई भी व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपना ले, तो वह सफतला के नए मुकाम हासिल कर सकता है.
शास्त्र के अनुसार हर किसी का जन्म किसी न किसी खास उद्देश्य से होता है, इसलिए हर किसी को अपने जीवन में कुछ ऐसे काम जरूर करने चाहिए जिससे वो मरने के बाद भी लोगों के बीच याद किया जाए. आचार्य श्री गोपी राम ने श्लोक के माध्यम से मनुष्य जीवन के 4 लक्ष्य के बारे में बताया है. इन्हें पूरा नहीं कर पाने वालों का जीवन व्यर्थ है.
धर्मार्थकाममोक्षेषु यस्यैकोऽपि न विद्यते ।
जन्मजन्मनि मत्येष मरणं तस्य केवलम् ।।
धर्म इस श्लोक के माध्यम से आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म का पालन करता है और धर्म-कर्म के कार्यों को करता है उसका जीवन सफल हो जाता है.
अर्थ अर्थात धन मनुष्य जीवन की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए धन बेहद जरूरी है. बिना धन के किसी भी जरूरत को पूरा नहीं किया जा सकता.इसलिए धरती पर जन्म लेने वाले हर इंसान के लिए धन कमाना आवश्यक है.
काम आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार हर व्यक्ति को काम इच्छा की पूर्ति करनी चाहिए. शादी करके संतान पैदा करने चाहिए. बिना परिवार और संतान के मनुष्य का जीवन व्यर्थ है
मोक्ष शास्त्र अनुसार मनुष्य के जीवन में सबसे ज्यादा जरूरी कर्म होता है, उसे कर्म करते हुए मोक्ष की प्राप्ति करनी चाहिए
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

