मुख्यमंत्री डॉ यादव ने संबल योजना के तहत जिले के 104 श्रमिक परिवारों को अंतरित की दो करोड़ 33 लाख रू अनुग्रह सहायता राशि

रायसेन । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत 7,227 श्रमिक परिवारों के खातों में 160 करोड़ रू की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा रायसेन जिले के 104 श्रमिक परिवारों के बैंक खाते में भी सिंगल क्लिक के माध्यम से कुल दो करोड़ 33 लाख रू की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की गई। कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा, श्रम पदाधिकारी जीएस मेहदेले तथा श्रमिक परिवारों द्वारा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री जी के उद्बोधन का लाईव प्रसारण देखा गया। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा द्वारा श्रमिक परिवारों से संवाद भी किया गया।
जनकल्याण (संबल) योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना के अंतर्गत जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा के लिए सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती है। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है।



