मध्य प्रदेश

जनसुनवाई में नीगरी-सौजनी रोड पर बड़ा पुल और डामरीकरण की मांग

श्रद्धालुओं और आमजन की सुविधा के लिए उठी आवाज़

सिलवानी। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों ने नीगरी से सौजनी धाम तक की सड़क की खराब हालत और पुल निर्माण की माँग को लेकर एक आवेदन सौंपा। इस आवेदन में लोक निर्माण विभाग से रोड का पुनः डामरीकरण, सड़क के दोनों ओर की साइड पटरी निर्माण, सड़क की ऊंचाई बढ़ाने और रिपटे की जगह बड़े पुल की स्वीकृति की मांग की गई है।
सड़क की हालत से आमजन हो रहे परेशान
आवेदकों ने बताया कि सिलवानी-नीगरी-सौजनी धाम रोड का निर्माण लगभग 5 वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग उपसंभाग सिलवानी द्वारा करवाया गया था, लेकिन इस दौरान सौजनी-नीगरी के बीच एक नीचा रिपटा बना दिया गया। बारिश में यह रिपटा डूब जाता है जिससे सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो जाती है।
श्रद्धालुओं की आस्था पर पानी
सप्ताह में विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को सौजनी धाम स्थित श्री हनुमान मंदिर एवं श्रीराम-जानकी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन रिपटे और संकरी सड़क के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सड़क की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि रोड को बने पाँच वर्ष हो चुके हैं और गारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी है। सड़क के दोनों ओर की पटरी (साइड) काफी नीची है, जिससे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए लाल कोपरा और मुरम डालकर साइड को ऊंचा करने की माँग की गई है।

पूर्व में भी दिए जा चुके हैं आवेदन
नागरिकों ने बताया कि इससे पहले भी विधायक, कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग मंत्री और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पाई है।

जनहित में मांग, रिपटे के स्थान पर स्वीकृत हो बड़ा पुल
आवेदकों ने जनहित में यह मांग की है कि नीगरी की नदी पर बना नीचा रिपटा हटाकर वहां एक पक्का और ऊँचा पुल बनाया जाए ताकि आमजन, स्कूली बच्चे, श्रद्धालु और बड़े वाहन सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें। इसके साथ ही सड़क का चौड़ीकरण भी करवाया जाए ताकि भीड़भाड़ वाले दिनों में भी सुगम यातायात सुनिश्चित हो सके।

प्रशासन से मांग
जनसुनवाई में उपस्थित नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि इस विषय को गम्भीरता से लिया जाए और शीघ्र ही पुल निर्माण की स्वीकृति दिलवाई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्रीय विकास के लिए यह कार्य अत्यंत आवश्यक बताया गया।

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