धार्मिक

कलयुग में भगवान का रामनाम और गौ माता की सेवा से ही मनुष्य मोक्ष गामी के साथ गौ माता की सेवा से भगवान का साक्षात दर्शन कर सकता है : ब्रह्मचारी जी महाराज

सिलवानी । ग्राम साईंखेड़ा में रमेश रघुवंशी द्वारा श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में कराई आ रही भागवत कथा का दिन शनिवार को समापन हुआ सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण के समापन के अबसर पर कथा व्यासपीठ ब्रह्मचारी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस संसार सागर से उद्धार केवल भगवान का राम नाम जपने से हो सकता है। भगवान के नाम का जाप करने वा कीर्तन करना और भगवन की लीलाओं का श्रवण के साथ गीता रामायण भागवत भक्तमाल जैसे अनेक शास्त्रों का अध्ययन करने से मनुष्य भगवान की प्राप्ति के साथ ही मोक्ष की प्राप्ति भी कर सकता है।
कथा व्यास पंडित ब्रह्मचारी गुरू महाराज ने भक्तों को भागवत कथा का रसास्वादन करते हुए समापन के अवसर पर कहा कि अंत करण की पवित्रता से ही परमात्मा की कृपा हमें
प्राप्त होती है।
राम नाम रूपी नौका इस कलयुग में मनुष्य को भवसागर से पार ले जा सकती है पंडित ब्रह्मचारी जी महाराज
राम की महिमा अपरम्पार है। राम खुद कह गए राम से बड़ा राम का नाम। तो जो बात स्वयं राम कह गए वो कैसे गलत हो सकती है। दरअसल, जीवन का आधार ही राम नाम है। हर जगह राम नाम की महिमा का गुणगान है। राम सिर्फ एक नाम नहीं है। राम नाम तो सबसे बड़ा मन्त्र है। राम नाम की महिमा तो ये है की सदाशिव भोले शंकर भी राम नाम जपते रहते हैं। इसी नाम का वो हर प्रहर जाप करते रहते है। संसार चल ही राम नाम से रहा है। सूर्य, चन्द्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है वो सब राम नाम की है।
ग्राम साईखेड़ा के लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का दिन शनिवार को समापन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा भागवत कथा का रसास्वादन किया श्रीमद् भागवत कथा में दूर-दूर के गांव से सुनने के लिए श्रद्धालु उमड़े। कथा वाचक पंडित ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि भगवान के नाम का सुमिरन करने मात्र से व्यक्ति के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है। वर्तमान में लोगों के पास इतना समय ही नहीं रह गया है कि वह भगवान की कथा सुन सकें। जबकि, ईश्वर की कथा सुनने मात्र से न जाने कितनी बाधाएं कट जाती हैं। उन्होंने मुक्ति का सरल और व्यवहारिक अर्थ बताते हुए कहा कि जब हम छोटे बच्चे के रूप में थे, तो हम अज्ञानता में भटक रहे थे और फिर गुरु जनों की कृपा से ज्ञान का प्रकाश मिला।इसी प्रकार भागवत कथा में भक्त और भगवान का पावन चरित्र का चिंतन, श्रवण करते-करते हमारा चित भगवान में लग जाता है और जब भागवत कथा सुनने मात्र से ही तमाम बाधाओं से मिल जाती है मुक्ति हमारा शरीर छूटता है तो प्राण भी भगवान में समाहित हो जाते हैं और हमें संसार के आवागमन से मुक्ति मिल जाती है। कथा के दौरान बीच-बीच में प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया इस दौरान भक्तों ने फूल वर्षा कर
पंडित ब्रह्मचारी जी महाराज का श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया इस कथा के दौरान पंडित ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि राम की महिमा अपरम्पार है। राम खुद कह गए राम से बड़ा राम का नाम। तो जो बात स्वयं राम कह गए वो कैसे गलत हो सकती है। दरअसल, जीवन का आधार ही राम नाम है। हर जगह राम नाम की महिमा का गुणगान है। राम सिर्फ एक नाम नहीं है। राम नाम तो सबसे बड़ा मन्त्र है। राम नाम की महिमा तो ये है की सदाशिव भोले शंकर भी राम नाम जपते रहते हैं। इसी नाम का वो हर प्रहर जाप करते रहते है। संसार चल ही राम नाम से रहा है। सूर्य, चन्द्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है वो सब राम नाम की है।
ग्राम साईखेड़ा के लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का दिन शनिवार को समापन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा भागवत कथा का रसास्वादन किया श्रीमद् भागवत कथा में दूर-दूर के गांव से सुनने के लिए श्रद्धालु उमड़े। कथा वाचक पंडित ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि भगवान के नाम का सुमिरन करने मात्र से व्यक्ति के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है। वर्तमान में लोगों के पास इतना समय ही नहीं रह गया है कि वह भगवान की कथा सुन सकें। जबकि, ईश्वर की कथा सुनने मात्र से न जाने कितनी बाधाएं कट जाती हैं। उन्होंने मुक्ति का सरल और व्यवहारिक अर्थ बताते हुए कहा कि जब हम छोटे बच्चे के रूप में थे, तो हम अज्ञानता में भटक रहे थे और फिर गुरु जनों की कृपा से ज्ञान का प्रकाश मिला।इसी प्रकार भागवत कथा में भक्त और भगवान का पावन चरित्र का चिंतन, श्रवण करते-करते हमारा चित भगवान में लग जाता है और जब भागवत कथा सुनने मात्र से ही तमाम बाधाओं से मिल जाती है मुक्ति हमारा शरीर छूटता है तो प्राण भी भगवान में समाहित हो जाते हैं और हमें संसार के आवागमन से मुक्ति मिल जाती है। कथा के दौरान बीच-बीच में प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया इस दौरान भक्तों ने फूल वर्षा कर
पंडित ब्रह्मचारी जी महाराज का श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया भागवत कथा में पंडित ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि तुलसीदास जी के अनुसार कलयुग में जो भी व्यक्ति सुख और आनंद चाहते है उन्हे रामजी की शरणागति लेनी चाहिए। कलयुग में भगवान की कृपा से मनुष्य को वो सभी दुर्लभ वस्तुएं प्राप्त हैं, जो स्वर्ग में देवताओं को भी दुर्लभ है बह रामनाम के जप से मनुष्य को सहज ही प्राप्त हो जाता

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