गंगा जमुनी संस्कृति की झलक, नगरवासियों सहित मुस्लिम समुदाय के बच्चों बुजुर्गो ने किया स्वागत

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । सनातन धर्म संस्कृति के पावन त्यौहारों को व्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से मनाने के लिए श्री हिउस समिति द्वारा हर दो वर्ष में अध्यक्ष का चयन किया जाता है।
25 वर्षों से श्री हिंदू उत्सव समिति अस्तित्व में।
शहर में बाड़ीकलां व बाड़ी खुर्द में दो स्थानों पर दशहरा पर्व मनाया जाता इसमें होने वाले खर्च के लिए जो भी अध्यक्ष बनता हैं उसकी जिम्मेदारी होती हैं कि वह चंदा करें या खुद ही खर्च वहन कर त्यौहारों को मनाएं। 2006 से श्री हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष का चयन करती आ रही थी जिसमें एक बार चुनाव हुए और बाकी समय सर्व सम्मति से अध्यक्ष मनोनीत होते चले रहे थे। जिसमें जितने भी अध्यक्ष बने सभी का कार्यकाल सराहनीय रहा लेकिन उन्होंने समिति के लिए कोई काम नहीं किया जिससे समिति के पास खुद का कार्यालय भी नहीं हैं बैठक या विचार विमर्श करने एक तय स्थान नहीं था ।
श्री हिंदू उत्सव समिति की मांग हुई पूरी ।
इस बार श्री हिउस समिति के संस्थापक सदस्यों ने मन लिया कि जो भी अध्यक्ष बनने का इच्छुक हो वह श्री हिउस के लिए तीस पचास के प्लाट की रजिस्ट्री समिति के नाम कराये और उस पर निर्माण कर समिति को सौंपेगा। पहली प्राथमिकता उसे दी जाएगी अगर यह मांग नगर के लोग पूरी नहीं करते तो हम समिति से इस्तीफा देकर विदा ले लेंगे क्योंकि 25 वर्षों से समिति का लेखा-जोखा झोले में पन्नी में लेकर घूमते घूमते थक चुके । 17 अगस्त को इस महत्वपूर्ण बैठक में संरक्षक मंडल के सदस्यों और संस्थापक सदस्यों के बीच गहन मंथन हुआ लेकिन संस्थापक सदस्य अपने निर्णय पर अडिग रहे और उपस्थित लोगों को निर्णय सुनाया जिसमें
भाजपा के वरिष्ठ नेता और श्रीहिउस के संरक्षक सदस्य जोधा सिंह अटवाल ने संस्थापक सदस्यों की बात पूरी करते हुए समिति को तत्काल एक लाख रुपए टोकन मनी के रुप में दिए और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बगल में कार्यालय बनाकर देने की बात कही।
इस घोषणा से उपस्थिति सदस्यों ने हर्षोल्लास छा गया और मुंह मीठा कर बधाईयां का आदान-प्रदान हुआ।
मंगलवार को निकाल विजयी जुलूस।
नवीन अध्यक्ष जस्सी अटवाल की मित्र मंडली और सहयोगियों ने मंगलवार को बजीरगंज स्थित बालाजी मंदिर में माथा टेकने के बाद ढोल डीजे अखाड़े व आतिशबाज़ी के साथ जुलूस निकाला जिसका जगह जगह मुंह मीठा कर फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया । चिंतामन चौराहे पर जैसे ही जुलूस पहुंचा वहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया।



