धार्मिक

इंसान को हमेशा झूठ छल कपट फ़रेब से बचना चाहिए-पण्डित प्रदीप मिश्रा

सोमवार को इस कदर भीड़ उमड़ी 30 हजार क्षमता वाला पंडाल भी छोटा पड़ गया
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। मनुष्य को हमेशा झूठ छल कपट और फ़रेब से बचना चाहिए।धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी से कमाया धन से उनकी औलाद बिगड़ जाती है।व्यक्ति को सच बोलना चाहिए।परनिंदा से बचना चाहिए क्योंकि यह यह इंसान की बुद्धि को नष्ट कर देती है।यह विचार कुबरेश्वर धाम सीहोर के अंतरराष्ट्रीय शिवमहापुराण कथा वाचक पण्डित प्रदीप मिश्रा ने श्री अमरनाथ सेवा समिति रायसेन द्वारा दशहरे ग्राउंड में आयोजित त्रिपुंड शिव महापुराण कथा के दूसरे दिवस सोमवार को व्यक्त किए। शिव महापुराण कथा रोजाना दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित की जा रही थी।सोमवार को दोपहर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी उमड़ पड़ी कि 30 हजार श्रद्धालुओं के बैठक व्यवस्था वाला पंडाल भी कम पड़ गया।कथा के मुख्य जजमान नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ एसी अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी बनीं।संचालन आशीष वर्मा ने किया।आयोजन समिति के दिनेश अग्रवाल वैभव अग्रवाल प्रदीप राठौर प्रवीण मिश्रा, अभिषेक राठौर, राजू सक्सेना का व्यवस्था बनाने में अहम योगदान दिया।
यह सुधरे तो समझो राष्ट्र सुधर जाएगा…..
पण्डित मिश्रा ने व्यास गादी से पांच लोगों को नसीहत देते हुए बोले कि फ़िल्म अभिनेता, पत्रकार, नीतिकार सलाहकार और कथा वाचक अपने कार्यों में सुधार लाएं तो सारा देश जाएगा। इंसान ने मन वचन और चित्त को अगर बदल दिया तो सबकुछ बदल सकता है। जहाँ गाय नहीं में वहां गोपाला कहाँ से लाऊं।गाय ,पशु और पक्षी वहीं जाते हैं जहां पेट भरने के लिए दाना चारा पानी मिलता है।कश्यप ऋषि को अपने बुरे कर्मों पापों की सजा अगले जन्म में वासुदेव को कंस के कारागार में औलाद के लिए तड़पते हुए बीता। बुरे कर्मों की सजा इंसान तो इंसान भगवान को भी मृत्युलोक में इंसान के रूप में जन्म लेकर भुगतना पड़ता है ।
भजनों पर जमकर झूमे नाचे श्रद्धालु…..
विधाता तू ने अजब लिखी ….. तकदीर तेरा शुक्रिया है जैसे शिवभजनों पर श्रद्धालु कथा पंडाल में गीत संगीत के बीच जमकर झूमे नाचे।एक झूठ व्यक्ति का राजपाट वैभव यश कीर्ति सबकुछ बिगाड़ कर रख देती है।दासी मंथरा ने रानी कैकयी के कानों में झूठ बोलकर सत्यानाश कर दिया था अयोध्या नगरी का। एक झूठ ने राजाराम को राज्याभिषेक होने से पहले वनवासी बनाकर 14 बरस तक वनवास काटने जंगल में जाना पड़ा था।यह सबकुछ विधाता ने राम की किस्मत में चंद्र लकीरों से लिख दिया था।किसी का दिल दुखाकर भी कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे वह परेशान हो उठे।उन्होंने शिवकथा को ऊंचाइयां देते हुए आगे कहा कि यदि भगवान भोले शंभु के मंदिर में धोखे से भी झूठ बोली तो इंसान का बुढापा बिगड़ जाएगा।

Related Articles

Back to top button