समृद्ध गाँव ही भारत को प्रगति की ओर अग्रसर करेंगे -भार्गव

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर के शासकीय महाविद्यालय में संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के द्वारा संचालित कोर्स बीएसडब्ल्यू, एमएसडब्ल्यू की कक्षाओं के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर संगोष्ठी एवं ग्रामोदय से अभ्युदय भारत पर कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलित करने के उपरांत अतिथियों का स्वागत ब्लाक समन्वयक द्वारा किया गया। इस अवसर पर बैचलर ऑफ सोशल वर्क एवं मास्टर ऑफ सोशल वर्क कोर्स, जनअभियान परिषद की कार्यशैली और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए राकेश भार्गव ने विवेकानंद जी के विचारों योग, स्वदेशी, संस्कृति, जीवन दर्शन पर विस्तार से समझाया उन्होंने बताया कि विवेकानंद जी ने कहा था कि ‘मैं ऐसे देश से हूं जब विदेशी धरती पर गूंजा वो ‘अमर’ भाषण, भारत की कायल हुई दुनिया, स्वामी विवेकानंद का शिकागो धर्म संसद में दिया भाषण पूरी दुनिया में बेहद मशहूर है, जिसने न सिर्फ उन्हें बल्कि पूरे भारत और भारतीय संस्कृति को पश्चिमी देशों में पहचान दिलाई। उनका भाषण सुनने के बाद पूरी दुनिया भारत की कायल हुई थी और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत हुआ था। स्वामी विवेकानंद की जयंती हर साल 12 जनवरी को देश भर में राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद से जुड़ी ऐसी कई कहानियां हैं जो हमारे देश में बच्चे-बच्चे की जुबां पर रहती है।
11 सितंबर 1893 में जब भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, तब स्वामी विवेकानंद ने भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति, विरासत, अध्यात्म और वैभवशाली इतिहास को विदेशी धरती पर गर्व के साथ बताया। उनके संबोधन से तालियों की गड़गड़ाहट चहुंओर थी।
ग्रामोदय से अभ्युदय भारत अभियान
इस पर चर्चा करते हुए राकेश भार्गव ने कहा कि 12 जनवरी से यह अभियान प्रारंभ होकर के 26 जनवरी तक चलाया जाना है जिसके विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम में हम लोग उपस्थित है वास्तव में ग्रामोदय से अभ्युदय म.प्र. का उद्देश्य परिषद के नेटवर्क के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं व दो वर्षों की उपलब्धियों को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुँचा कर अंतिम पात्र हितग्राही तक लाभ सुनिश्चित करना है । ग्राम स्तर पर ग्रामोत्सव, चौपाल, रैली व श्रमदान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वावलंबन, शिक्षा, सामाजिक समरसता एवं स्वस्थ-नशामुक्त समाज के लिए जनजागरण किया जाएगा तथा स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, आत्मनिर्भरता एवं समाज सेवा भाव को जागृत करना है।शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और संस्कार के क्षेत्र में किए जा रहे सेवा कार्य समाज को सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सेवा पहुँचे और प्रत्येक नागरिक राष्ट्र सेवा को अपना कर्तव्य माने।
इस अवसर पर विकासखंड की सभी नवांकुर संस्थाओं के कार्यकर्तागण, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य एवं परामर्शदाता बीएसडब्ल्यू, एमडब्ल्यू के छात्र छात्रा उपस्थित थे।



