राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बाल पथ संचलन निकाला गया
संघ शताब्दी वर्ष पर स्वयंसेवकों ने दिया समाज सेवा का संदेश
सिलवानी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को नगर में बाल पथ संचलन का आयोजन किया गया। संचलन का प्रारंभ संनदिपनि विद्यालय प्रांगण से हुआ, जहाँ सर्वप्रथम स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण एवं पंक्तिबद्ध गठन किया गया।
संचलन संनदिपनि विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ होकर गांधी चौक, जैन मंदिर, कुशवाहा धर्मशाला होते हुए बजरंग चौराहा तक पहुंचा और वहीं से पुनः विद्यालय प्रांगण में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों ने अनुशासन और कदमताल से नगरवासियों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड संघचालक आनंद ठाकुर ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में शैलेष खरे उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता शैलेष खरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रत्येक स्वयंसेवक को अपना अमूल्य समय समाज और राष्ट्र के कार्यों में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “हर घर में कम से कम एक स्वयंसेवक अवश्य होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि संघ के पंच परिवर्तन — नागरिक संहिता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, समरसता एवं स्वदेशी भावना — के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। संघ का उद्देश्य नीतिबान, समर्थ और संगठित हिंदू समाज का निर्माण कर राष्ट्र को परम वैभव की ओर अग्रसर करना है।



