मध्य प्रदेश

शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में “स्वदेशी जनजागरण अभियान” एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर व्याख्यान

सिलवानी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, सिलवानी द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में अध्ययनरत BSW एवं MSW छात्रों हेतु उन्मुखीकरण कार्यक्रम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती तथा स्वदेशी जनजागरण अभियान का शुभारंभ करने के लिए व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष श्याम साहू, भाजपा नेता विभोर नायक, पार्षद प्रदीप कुशवाहा, समाजसेवी आलोक रघुवंशी, मुख्य वक्ता डॉ. लक्ष्मीकांत नेमा, सत्यार्थ फाउंडेशन शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में “स्वदेशी जनजागरण अभियान” एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित
सिलवानी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, सिलवानी द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में अध्ययनरत BSW एवं MSW छात्रों हेतु उन्मुखीकरण कार्यक्रम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती तथा स्वदेशी जनजागरण अभियान का शुभारंभ करने के लिए व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष श्याम साहू भाजपा नेता
विभोर नायक, पार्षद प्रदीप कुशवाहा समाज सेवी आलोक रघुवंशी, मुख्य वक्ता लक्ष्मीकांत नेमा प्रोफेसर अध्यक्ष सत्यार्थ
फाउंडेशन अरविंद पाठक, उपस्थित रहे। इस अवसर पर
स्वदेशी और अंत्योदय की ओर प्रेरणा में प्रदीप कुशवाहा ने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए पंडित दीनदयाल जी को एक महान संगठक बताया और उनके द्वारा प्रतिपादित “अंत्योदय” के सिद्धांत को भारत के समावेशी विकास की नींव बताया।
मुख्य अतिथि विभोर नायक ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वदेशी का पालन करना आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का सबसे प्रभावशाली मार्ग है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।
मुख्य वक्ता आलोक रघुवंशी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को विकसित भारत का सूत्रधार बताते हुए कहा कि यह एक महायज्ञ है, जिसमें प्रत्येक भारतीय को स्वदेशी अपनाकर अपनी आहुति देनी होगी। हमें आज यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने देशवासियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग करेंगे। कार्यक्रम का समापन ब्लॉक समन्वयक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ किया गया। अरविंद पाठक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वदेशी और अंत्योदय की ओर प्रेरणा में प्रदीप कुशवाहा ने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए पंडित दीनदयाल जी को एक महान संगठक बताया और उनके द्वारा प्रतिपादित “अंत्योदय” के सिद्धांत को भारत के समावेशी विकास की नींव बताया।
मुख्य अतिथि विभोर नायक ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वदेशी का पालन करना आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का सबसे प्रभावशाली मार्ग है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।
मुख्य वक्ता आलोक रघुवंशी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को विकसित भारत का सूत्रधार बताते हुए कहा कि यह एक महायज्ञ है, जिसमें प्रत्येक भारतीय को स्वदेशी अपनाकर अपनी आहुति देनी होगी। हमें आज यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने देशवासियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग करेंगे। कार्यक्रम का समापन ब्लॉक समन्वयक वीरेन्द्र यादव द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ किया गया।

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