शिव महापुराण कथा का भव्य समापन, राम नाम को बताया मोक्षदायी

कथा व्यास पंडित सत्यम मधुराम महाराज से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
कलियुग में राम नाम ही मोक्ष का द्वार है जो भक्तों को भवसागर से पार ले जाने वाला है कथा व्यास सत्यम मधुराम महाराज
सिलवानी। नगर के वार्ड एक आमापानी में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का आज विधि-विधान के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिवस पर कथा व्यास पंडित सत्यम मधुराम महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राम नाम की महिमा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में राम नाम ही मोक्ष का द्वार है, जो भक्तों को भवसागर से पार कराने वाला है।
पंडित मधुराम महाराज ने शिवपुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान शिव स्वयं ‘राम-नाम’ का जप करते हैं और इसे अपने कंठ में धारण करते हैं क्योंकि ‘सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने अर्थात राम-नाम सहस्र देव नामों के समान है। उन्होंने कहा कि यह मंत्र भक्तों को दैहिक, दैविक और भौतिक सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला है और जीवन में सुख-शांति प्रदान करता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हनुमानजी ने राम नाम के बल पर ही सागर पार कर लंका तक पहुंचने का अद्भुत कार्य किया जिससे इसकी अपार शक्ति का बोध होता है।
समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन हवन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कथा का उद्देश्य समाज में भक्ति नैतिकता और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है। सैकड़ों की संख्या में भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कथा में शामिल हुए और भगवान शिव की महिमा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।आयोजन स्थल पर सैकड़ों की संख्या में भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मौजूद रहे।
कथा का समापन भजन-कीर्तन हवन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजकों ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।



