कृषि

मौसम बदला : पकने की कगार में धान की फसल की बाली भीगी

सिलवानी। रविवार की रात हुई बरसात किसानों के लिए मुसीबत साबित हुई है। जिन खेतों में पहले बोई धान की फसल आने की कगार पर थी। उसकी बाली भीगने से फसल खेत में बिछ गई है। वहीं कटे रखे और पक चुके सोयाबीन में भी नुकसान होना तय है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को रात करीब आठ बजे से दो घंटे तेज बरसात हुई। इसके बाद भी रुक-रुक कर पानी बरसता रहा। हालांकि सोमवार को सुबह से धूप निकली और शाम से पुन: बादल छा गए। किसानों को आगे बरसात होने से नुकसान बढ़ सकता है।
पड़रिया निवासी किसान धर्मेंद्र साहू ने बताया कि किसानों को इस बार धान और सोयाबीन से बेहद अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन प्रकृति की मार से जिन खेतों में फसल कटाई पर आ रही थी। उनकी फ सल खेत में गिरने से उत्पादन मे 20 फीसदी कमी आ सकती है। ऐसे ही खेत में कटी और पक चुकी सोयाबीन में भी नुकसान हुआ है। वहीं जिन किसानों ने धान की बोवनी बाद में की थी। उनमें नुकसान नहीं हुआ। आगे पानी बरसने हवा चलने पर किसान की मुसीबत बढ़ सकती है।

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