आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 20 अगस्त 2024
20 अगस्त 2024 दिन मंगलवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। भाद्रपद मास में गायत्री जप करने का बहुत ही शुभ फल बताया गया है। आज ओणम व्रत का चतुर्थ दिवस है। आज से जैन लोगों का षोडशकारण व्रत का आरम्भ होता है। भाद्रपद मास में दही नहीं खाना चाहिये। अर्थात भादो में दही खाना वर्जित अथवा त्याज्य बताया गया है। आप सभी सनातनियों को “भाद्रपद मास” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास प्रारंभ
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि 08:33 PM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 03:09 AM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है, शतभिषा का देवता है वरुण, जो बुद्धि प्रदाता है।
⚜️ योग – अतिगण्ड योग 08:55 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 10:15 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 08:32 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:35:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:26 ए एम से 05:09 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:47 ए एम से 05:53 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:50 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:35 पी एम से 03:27 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:55 पी एम से 07:17 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:55 पी एम से 08:01 पी एम
💧 अमृत काल : 08:44 पी एम से 10:10 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, अगस्त 21 से 12:46 ए एम, अगस्त 21
🌸 त्रिपुष्कर योग : 03:09 ए एम, अगस्त 21 से 05:54 ए एम, अगस्त 21
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-250 ग्राम बताशे बहते जल में प्रवाहित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भाद्रपद मासारंभ/ खोरदाद साल/ पंचक जारी/ त्रिपुष्कर योग/ श्री नारायण गुरु जयंती/ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जयन्ती, सदभावना दिवस, भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस, विश्व मच्छर दिवस, राष्ट्रीय नींबू पानी दिवस, राष्ट्रीय रेडियो दिवस, राष्ट्रीय सुलभ हवाई यात्रा दिवस, अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल ट्रांसपोर्टर्स दिवस, अंतर्राष्ट्रीय हवाईयन पिज्जा दिवस, राष्ट्रीय बेकन प्रेमी दिवस, साहित्यकार गोपीनाथ मोहंती पुण्य तिथि, इंफ़ोसिस कंपनी संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति जन्म दिवस, भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार राम शरण शर्मा स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🗼 Vastu Tips 🛕
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए कलाई में पहनी जाने वाली घड़ी के बारे में। आमतौर पर देखा गया है कि लोग अपने हाथ में पहनी जाने वाली घड़ी को सोते समय अपने तकिये के नीचे रखकर सोते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी को कभी भी तकिये के नीचे रखकर नहीं सोना चाहिए।
तकिये के नीचे घड़ी रखकर सोने से उसकी आवाज नींद में खलल तो डालती ही है, साथ ही उससे निकलने वाली इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगें हमारे दिमाग और हृदय पर बुरा प्रभाव भी डालती हैं। इन तरंगों के चलते पूरे कमरे में नेगेटिव ऊर्जा पैदा हो जाती है जो आपकी मन की शांति को भंग कर देती है। साथ ही आपकी विचारधारा को नकरात्मक बना देती है।
वास्तु के अनुसार को कभी भी बिना फिटिंग वाली घड़ी यानि ढीले पट्टे वाली घड़ी नहीं पहननी चाहिए। इससे आपका ध्यान भटक सकता है। साथ ही आपको किसी भी काम में सफलता मिलने में दिक्कत आएगी। वहीं, वास्तु के अनुसार, गोल्डन और सिल्वर रंग की घड़ी बेहद शुभ मानी जाती हैं। यदि आप किसी जरूरी काम के लिए बाहर जा रहे हैं तो गोल्डन या सिल्वर रंग की घड़ी ही पहनें। इससे आपको सफलता मिलेगी।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
टांगो की पिंडलियों में दर्द होना एक आम समस्या है जिससे चलने दौड़ने वह कूदने आदि में इंसान को काफी दिक्कत होने लगती है और काफी दर्द भी महसूस होता है।
कभी-कभी टांगों का अधिक उपयोग करने जैसी सामान्य स्थितियों के कारण भी टांग के निचले हिस्से मैं खिंचाव आ जाता है। इसके अलावा आहार में बदलाव होने के कारण भी पिंडलियों में ऐठन पड़ जाती है।
जिस वजह से हमें पिंडलियों में काफी दर्द महसूस होता है। पिंडलियों में होने वाले दर्द की वजह से हमें चलने में या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान पिंडलियों में कमजोरी महसूस होती है साथ ही हम खुद को कूद मारने या भागने में अक्षम महसूस करते हैं।लेकिन हम अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं। तो चलिए अब हम आपको इस दर्द से छुटकारा पाने के कुछ तरीके बताते हैं।
सबसे पहले तो इस प्रक्रिया में आपका आराम करना बेहद जरूरी है। साथ ही साथ आपको गर्म ससरों के तेल से हल्की-हल्की मालिश भी करते रहना है। अगर आपकी पिंडलियों में दर्द है। तो आप अपने पैरों के नीचे तकिया जरूर रखें। ऐसा करने से आप का रक्त स्तर हृदय की तरफ होगा जिससे आपको काफी आराम मिलेगा।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
अदरक की चाय अगर आपको चाय पीना पसंद है तो आप अदरक की चाय को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। गठिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए अदरक की चाय पीना बेहद ही लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसे बनाने के लिए आप ताजी अदरक की स्लाइस को गर्म पानी में डुबाकर या पहले से पैक अदरक टी बैग का उपयोग करके अदरक की चाय तैयार कर सकते हैं। चाय का टेस्ट बढ़ाने के लिए चाय में शहद या नींबू को शामिल किया जा सकता है।
बोन ब्रोथ अगर आप नॉन-वेजिटेरियन है तो बोन ब्रोथ का सेवन करने से यकीनन आपको काफी लाभ होने वाला है। बोन ब्रोथ कोलेजन, ग्लूकोसामाइन और चोंड्रोइटिन से भरपूर होता है। यह कुछ ऐसे पोषक तत्व हैं, जो आपके ज्वॉइंट्स को सपोर्ट करते हैं। इससे गठिया से पीड़ित लोगों को काफी लाभ मिल सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक समय शराब की लत से परेशान एक व्यक्ति एक संत के पास गया और विनम्र स्वर में बोला, ‘गुरूदेव, मैं इस शराब के व्यसन से बहुत ही दुखी हो गया हूँ।
इसकी वजह से मेरा घर बरबाद हो रहा है। मेरे बच्चे भूखे मर रहे हैं, किन्तु मैं शराब के बगैर नही रह पाता! मेरे घर की शांति नष्ट हो गयी है। कृपया आप मुझे कोई सरल उपाय बताएँ, जिससे मैं अपने घर की शांति फिर से पा सकूँ
गुरूदेव ने कहा, ‘जब इस व्यसन से तुमको इतना नुकसान होता है, तो तुम इसे छोड़ क्यों नहीं देते?’ व्यक्ति बोला, ‘पूज्यश्री, मैं शराब को छोड़ना चाहता हूं, पर यह ही मेरे खून में इस कदर समा गयी है कि मुझे छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही है।
गुरूदेव ने हँस कर कहा, ‘कल तुम फिर आना! मैं तुम्हें बता दूँगा कि शराब कैसे छोड़नी है?’ दूसरे दिन निश्चित समय पर वह व्यक्ति महात्मा के पास गया।
उसे देख महात्मा झट से खड़े हुए और एक खम्भे को कस कर पकड़ लिया।
जब उस व्यक्ति ने महात्मा को इस दशा में देखा, तो कुछ समय तो वह मौन खड़ा रहा, पर जब काफी देर बाद भी महात्माजी ने खम्भे को नहीं छोड़ा, तो उससे रहा नहीं गया और पूछ बैठा, कि ‘गुरूदेव, आपने व्यर्थ इस खम्भे को क्यों पकड़ रखा है?’ गुरूदेव बोले, ‘वत्स! मैंने इस खम्भे को नहीं पकड़ा है, यह खम्भा मेरे शरीर को पकड़े हुए है।
मैं चाहता हूँ कि यह मुझे छोड़ दे, किन्तु यह तो मुझे छोड़ ही नहीं रहा है।’ उस व्यक्ति को अचम्भा हुआ! व्ह बोला, ‘गुरूदेव मैं शराब जरूर पीता हूँ, मगर मूर्ख नहीं हूँ।
आपने ही जानबूझ कर इस खम्भे को कस कर पकड़ रखा है। यह तो निर्जिव है, यह आपको क्या पकड़ेगी यदि आप दृढ़-संकल्प कर लें, तो इसी वक्त इसको छोड़ सकते हैं।
गुरूदेव बोले, ‘नादान मनुष्य, यही बात तो मैं तुम्हें समझाना चाहता हूँ कि जिस तरह मुझे खम्भे ने नहीं बल्कि मैंने ही उसे पकड़ रखा था, उसी तरह इस शराब ने तुम्हें नहीं पकड़ा है, बल्कि सच तो यह है कि तुमने ही शराब को पकड़ रखा है। तुम कह रहे थे कि यह शराब मुझे नहीं छोड़ रही है।
जबकि सत्य यह है कि तुम अपने मन में यह दृढ़ निश्चय कर लो कि मुझे इस व्यसन का त्याग अभी कर देना है, तो इसी वक्त तुम्हारी शराब पीने की आदत छूट जायेगी। शरीर की हर क्रिया मन के द्वारा नियंत्रित होती है और और मन में जैसी इच्छा-शक्ति प्रबल होती है, वैसा ही कार्य सफल होता है।’
वह शराबी गुरू के इस अमृत-वचनों से इतना प्रभावित हुआ कि उसने उसी वक्त भविष्य में कभी शराब न पीने का दृढ़-संकलप किया। उसके घर में खुशियाँ पुनः लौट आयीं और वह शांति से जीवन-यापन करने लगा।परिवार मे सब सूखी व प्रेम से रहने लगे
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।



