
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 03 दिसम्बर 2025
03 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि त्रयोदशी तिथि है। आज की चतुर्दशी को बंगाल में पाषाणचतुर्दशी भी कहा जाता है। आज प्रदोष काल में दक्षिण भारत में कृतिका दीप का उत्सव मनाया जाता है। आज अनुराधा नक्षत्र को छोड़कर सूर्य देवता जेष्ठा नक्षत्र में दिन में 12.01 PM पर प्रवेश कर जाएंगे। अपराह्न काल में चतुर्दशी में ही पार्रण श्राद्ध किया जाएगा। आज काशी में पिशाचमोचन की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। जिससे भूत प्रेत पिशाच आदि योनियों में पड़े पूर्वजों की मुक्ति सफलता से हो जाती है। आज कपीर्दीव्श्रर भगवान का दर्शन भी अवश्य करना चाहिए। आज रवि योग एवं पूर्वसर्वार्थसिद्धयोग भी है। आप सभी स्नातनियों को “कृतिका दीप एवं पिशाचमोचन यात्रा” की हार्दिक शुभकामनायें।।
*ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।। ☄️ *दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
*बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है। *बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – बुधवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 12:26 PM तक उपरांत चतुर्दशी
✒️ तिथि स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी है त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है ।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र भरणी 06:00 PM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी – भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। इसके देवता यम हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ स्रोतों में देवी पार्वती को भी इस नक्षत्र की अधिष्ठात्री देवी बताया गया है।
⚜️ योग – परिघ योग 04:57 PM तक, उसके बाद शिव योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 12:25 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 10:33 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:36:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:07:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:09 ए एम से 06:04 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:37 ए एम से 06:58 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:49 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 01:46 पी एम से 03:10 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:44 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 04
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:59 पी एम से 06:59 ए एम, दिसम्बर 04
❄️ रवि योग : 05:59 पी एम से 06:59 ए एम, दिसम्बर 04
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ विश्व अपंग दिवस/ भरणी दिपम् (द.भा.)/ कृतिका दिपम् (द.भा.)/ दिग्गज मेजर ध्यानचंद जयन्ती, राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जयन्ती, अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस, कृषि शिक्षा दिवस, मननशील रचनाकार शिवनारायण श्रीवास्तव जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस जयन्ती, अभिनेता देव आनंद स्मृति दिवस, भोपाल गैस त्रासदी दिवस, राजनीतिज्ञ मुहम्मद हबीबुर रहमान जन्म दिवस, राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन जयन्ती, वकील दिवस ✍🏼 *तिथि विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
अगर आप मनी प्लांट पर कलावा बांधते हैं तो इससे भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि कलावा आपको पूरे विधि-विधान से बांधना चाहिए। शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद आपको माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए, साथ ही मनी प्लांट पर बांधने वाले कलावे को भी आपको माता लक्ष्मी को अर्पित करना चाहिए। पूजा समाप्त करने के बाद कलावा आपको मनी प्लांट पर बांधना चाहिए। वास्तु के अनुसार यह सरल सा कार्य करने से आपको माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में धन से जुड़ी परेशानियों का अंत होता है।
*मनी प्लांट पर बांधें सिक्का मनी प्लांट घर में इसीलिए लगाया जाता है ताकि आपके घर में धन पर्याप्त मात्रा में बना रहे। इसलिए आप मनी प्लांट पर सिक्का भी बांध सकते हैं या फिर इसे मनी प्लांट वाले गमले में मिट्टी के नीचे दबा सकते हैं। वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट में सिक्का रखने से भी आपको जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। मनी प्लांट में सिक्का डालने के लिए भी शुक्रवार का ही दिन सबसे शुभ माना जाता है। ♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ उम्र के हिसाब से कितने घंटे सोना चाहिए?
*नवजात बच्चे को 14-17 घंटे सोना चाहिए। अगर बच्चा 3-5 साल का है तो उसे 10-13 घंटे नींद लेनी चाहिए। 14-17 साल के बच्चे को 8-10 घंटे नींद जरूर लेनी चाहिए। वहीं 18 से 64 साल के व्यक्ति को रोज 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
*ज्यादा सोने से बीमारी*
डायबिटीज
मोटापा
हार्मोन बिगड़ना
शरीर में फैट जमा
हार्ट प्रॉब्लम
शरीर में ब्लड फ्लो कम
*हार्ट की आर्टरीज़ कमजोर *अच्छी नींद क्यों जरूरी?*
ज्यादा देर सोने की बजाय अच्छी नींद लेना जरूरी है। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है। थकान दूर होती है और बॉडी रिचार्ज होती है। इसके लिए रोजाना योग-प्राणायाम जरूर करें। दिन में एक बार गिलोय पीएं, हल्दी वाला दूध जरूर लें और विटामिन-C से भरपूर खट्टे फल खाएं।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
इस के पत्तों में vasicine नामक क्षाराभ होता है।
*वासा के फूल, स्वाद में कड़वे और तीखे, बुखार कम करनेवाले, मूत्र उत्पत्ति बढ़ाने वाले और शीत होते है। *इसकी मूल की त्वचा, बुखार नाशक, मूत्र उत्पत्ति वर्धक, कफनिःसारक, कृमिनाशक होती है।
*इसका प्रधान गुण कफ को पतला कर बाहर निकलना है। यह श्वासनलिकाओं का विस्फार करा है जिससे सांस लेने में आसानी होती है। पुरानी खांसी और श्वसन संस्थान के विकारों में वासा पत्तियों के स्वरस में काली मिर्च, अरदक स्वरस और शहद मिलाकर दिया जाता है। इस से जमा हुआ कफ आसानी से बाहर निकलता है और खांसी, सांस फूलना कम होता है। *बच्चों के कफ विकारों में भी इसका टंकण के साथ इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।
*वासावलेह कफ विकारों के लिए असरदार और प्रसिद्ध औषधी योग है। *रक्तपित्त में इसका स्वरस शहद के साथ देते है। इस के फूलों से बनाये हुए गुलकंद या पत्तियों के चूर्ण का भी इस्तेमाल होता है।
*वासा सिद्ध घृत – वासा घृत का प्रयोग किया जाता है। *मलेरिया में पत्तों के या मूल की त्वचा के चूर्ण का उपयोग करते है।
आमवात में पत्तियों का पुल्टिस बनाकर लगाया जाता है। इस से सूजन और दर्द कम होने में मदत मिलती है।
*त्वचा रोगों में इसका रस पिलाते है या पत्तियों का लेप करते है। स्नान के लिए पत्तियों का क्वाथ बनाकर इस्तेमाल किया जाता है। 📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️ एक साधारण ब्राह्मण थे। वे काशी पढ़कर आये। सिरपर पुस्तकें लदी हुई थीं। शहरसे होकर निकले तो वर्षा आ गयी। पास में छाता था नहीं। अत: एक मकानके दरवाजे के पास जगह देखकर खड़े हो गये। उसके ऊपर एक वेश्या रहती थी। कुछ आदमी ‘रामनाम सत्य है’ कहते हुए एक मुर्देको लेकर वहाँसे निकले। उस वेश्याने आवाज देकर एक लड़कीसे कहा कि जा, पता लगाकर आ कि यह स्वर्गमें गया या नरकमें गया? लड़की चली गयी। पण्डितजी ने सुना तो वहीं ठहर गये कि ऐसी कौन-सी विद्या है, जिससे मरने वाले का पता लग जाय कि वह कहाँ गया? थोड़ी देरमें वह लड़की आयी और वेश्या से बोली कि यह तो नरकोंमें गया। इतनेमें दूसरा मुर्दा आया तो वेश्या ने फिर लड़की को भेजा। लड़कीने आकर कहा कि यह तो स्वर्ग में गया। पण्डितजीने विचार किया कि मैं इतने वर्ष काशी रहा, वहाँ कितनी पुस्तकें पढ़ीं, पर यह पता नहीं लगता कि मरने वाला कहाँ गया? यह विद्या तो मेरेको सीखनी चाहिये। पण्डितजी मकान के ऊपर चले गये। वेश्या ने देखा तो पहचान लिया कि यह मेरा ग्राहक तो है नहीं। उसने पूछा कि यहाँ कैसे आये? पण्डितजी बोले—‘माताजी! मैं…………..’। वेश्या बोली—मेरे को माताजी मत कहो, मैं तो एक वेश्या हूँ। पण्डितजी बोले—हमारे लिये तो माँ, बहन या बेटी ही हो! वेश्या बोली—क्या बात है? पण्डितजी ने कहा—तुमने लड़की से कहा कि पता लगाकर आओ, मरनेवाला कहाँ गया तो उसने आकर कहा कि एक नरकमें गया, एक स्वर्गमें गया, यह क्या विद्या है? मैं जानना चाहता हूँ। वेश्याने उस लड़कीको बुलाया और कहा कि महाराज को बता, तूने कैसे परीक्षा की कि यह नरकमें गया, यह स्वर्गमें गया। वह कहने लगी कि महाराज! वे मुर्दा लिये जा रहे थे तो मैंने उनसे पूछा कि यह कहाँसे आया है, किस मोहल्लेका है? फिर मैं पता लगाकर उस मोहल्लेमें पहुँची तो लोगोंको रोते देखकर पता लगा कि इस घरका आदमी मर गया। उनके पड़ोसियोंके घर जाकर सुना तो लोग कह रहे थे कि वह आदमी मर गया तो हम निहाल हो गये! वह सबकी चुगली करता था, चोरी करा देता था, लड़ाई करा देता था, झूठी गवाही देकर फँसा देता था, बहुत दु:ख देता था। मर गया तो बहुत अच्छा हुआ, आफत मिटी! ऐसी बातें मैंने कई घरोंमें सुनीं तो आकर कहा कि वह नरकोंमें गया। दूसरा मुर्दा आया तो उसका भी पता लगाकर मैं उसके मोहल्ले में गयी। वहाँ लोग बातें कर रहे थे कि राम-राम, गजब हो गया! वह आदमी तो हमारे मोहल्लेका एक प्रकाश था। वह सन्त-महात्माओं को बुलाया करता था, सत्संग कराता था, कोई बीमार हो जाय तो रातों जगता था, किसी पर कोई आफत आती तो उसकी तन-मन-धनसे सहायता करता था! वह चला गया तो हमारे मोहल्लेमें अँधेरा हो गया! ऐसी बातें मैंने सुनीं तो आकर कहा कि वह स्वर्गमें गया। *पण्डितजी बोले—अरे, ये बातें तो हमारी पुस्तकोंमें भी लिखी हैं कि अच्छे काम करने वाले की सद्गति होती है और बुरे काम करनेवालेकी दुर्गति होती है, पर यह बात हमारी अक्लमें ही नहीं आयी!
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।।



