क्षेत्रीय विधायक ने जैन मुनियों से लिया आशीर्वाद ग्रहण किए प्रवचन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । वर्तमान समय में जहां पर सीधे मोक्ष नहीं है। वहां पर पंच परमेष्ठी की भक्ति ही मुक्ति का कारण बनेगी। यह भक्ति ही हम सभी के जीवन को सार्थक बनाती है। स्वाध्याय तो होना ही चाहिए। स्वाध्याय मन की खुराक है जो विचारों को ऊर्जावान बनाती है। जैसे वृद्ध के लिए सहारे के रुप में लाठी काम करती है उसी प्रकार ज्ञान भी हमारे जीवन में सहारे का काम करता है। ऐसे ही ज्ञान का सहारा हम सभी को मिलता रहे।
बड़ा दिगंबर जैन मंदिर में उक्त उद्गार आचार्य समता सागर महाराज ने क्षेत्रीय विधायक ठाकुर रामपाल सिंह राजपूत से भेंट करने के उपरांत व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन को सुधारने में धर्म सहायक है। संतोष ही कठिनाइयों एवं अभावों से निपटने की अटूट दवा है। समता ही सुख-दुख के बीच संतुलन बनाने में सहायक होती है, जिस प्रकार भवन में नींव का महत्व है उसी प्रकार जीवन में सुख-शांति पाने के लिए धर्म ही आधार है। यदि मानव सुखी होना चाहता है तो उसे धर्म धारण करना चाहिए। मुनिश्री ने आगे कहा कि पद, प्रतिष्ठा एवं धन को सफलता मान लेना सही नहीं है। इससे जीवन में प्रसन्नता प्राप्त नहीं होती। संतोष से ही जीवन में शांति एवं धर्म की संतुष्टि हो सकती है। उन्होंने कहा कि कर्म की शक्ति बहुत है । कर्म के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। यदि मनुष्य अपना कल्याण चाहता है तो अपने कर्मों को धर्म के आधार पर ठीक रखे और गलत कार्यों से बचें।
इस अवसर पर निर्यापक मुनि समता सागर महाराज, मुनि निष्कंप सागर महाराज, मुनि महासागर महाराज, ऐलक मुनि निश्चल सागर महाराज से क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ठाकुर रामपालसिंह राजपूत ने औपचारिक भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
उनके साथ नपा अध्यक्ष संदीप लोधी, उपाध्यक्ष सुदर्शन घोषी, पार्षद अजय जैन, पार्षद अजय जाट, लोकराज सिंह, प्रवीण जैन पिंटू, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष संजय राय, जिला मीडिया प्रभारी हरि साहू, प्रदीप मोदी, आदि थे।



