प्राइवेट स्कूल संचालक कल भोपाल में आंदोलन की बनाएंगे रणनीति

12 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
सिलवानी । सरकार की वादा खिलाफी और मांगों का निराकरण न होने से नाराज सोसायटी आफ प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स द्वारा आंदोलन करने की रणनीति बनाई है। 19 जून को भोपाल पहुंच कर बैठक करेंगे, साथ ही मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सोसायटी आफ प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आशीष चटर्जी और आंदोलन समिति संयोजक मप्र राजेश राजौरिया ने बताया कि 19 जून सोमवार को राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल में संगठन की प्रांतीय, संभागीय, जिला, तहसील व नगर कार्यसमिति के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में सरकार, राज्य शिक्षा केंद्र की वादा खिलाफी तथा हठधर्मिता व प्राइवेट स्कूलों के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर व्यापक चर्चा की जाएगी।
संगठन की मांग है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में शासकीय एवं अशासकीय दोनों में कोई भेद नहीं किया गया है। हमें समान अधिकार और सम्मान दिया जाए। शिक्षा संस्थान का संचालन समाज में शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए है, इसलिए आवश्यकता के मान से विद्यालय खोलने का पूर्व निर्धारण किया जाए। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार मान्यता के लिए मापदंड शासकीय व अशासकीय दोनों के लिए समान है। अशासकीय विद्यालयों को हर स्तर पर मान्यता लेने की बाध्यता गलत है। इसे नर्सरी से बारहवीं तक एक साथ सिंगल विंडो से की जाए। विभिन्न स्तर पर मान्यता और संबद्धता शुल्क की जगह विद्यालयों के लिए पंजीयन प्रक्रिया के बाद वार्षिक दर्ज संख्या एवं प्राप्त ट्यूशन फीस का 0.5 से 1 प्रतिशत तक राशि शिक्षा संस्था संचालन अंशदान के रूप में ली जाए। शिक्षा के अधिकार अधिनियम में निर्धारित 25 प्रतिशत सीट में खाली रही 1 सीट का भी भुगतान किया जाए।



