ज्योतिष

आज का पंचाग रविवार 23 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 23 अक्टूबर 2022

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🪔 23 अक्टूबर 2022 दिन रविवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज मासशिवरात्रि व्रत एवं भगवान धनवंतरी जयन्ती भी है। कामेश्वरी जयन्ती भी आज ही है। नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी भी आज ही मनाया जायेगा। आज हनुमान जयन्ती भी है। आप सभी सनातनियों को मासशिवरात्रि, कामेश्वरी जयन्ती, धनवंतरी जयन्ती एवं रूप चतुर्दशी की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।* इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।*
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।* रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है। 🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022_
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक माह
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – त्रियोदशी 18.03 PM तक तत्पश्चात चतुर्दशी
🖍️ तिथि के स्वामी :- त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी और चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ ही है।
💫 नक्षत्र – उत्तर फाल्गुनी 14.34 PM तक तत्पश्चात हस्त
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र के देवता आर्यमन और स्वामी सूर्य, बुध देव जी है।
📣 योग – इंद्र 16.07 तक तत्पश्चात वैधृति
🪶 योग के स्वामी :- इंद्र योग के स्वामी पितृ देव जी एवं स्वभाव श्रेष्ठ माना जाता है।
प्रथम करण : वणिज – 06:03 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 05:49 ए एम, अक्टूबर 24 तक शकुनि
🔥 गुलिक काल : – अपराह्न – 3:00 से 4:30 तक ।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – सायं – 4:30 से 6:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:55:23
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:16:56
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:45 ए एम से 05:36 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:10 ए एम से 06:27 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:58 पी एम से 02:43 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:32 पी एम से 05:56 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:44 पी एम से 07:00 पी एम
💧 अमृत काल : 07:09 ए एम से 08:48 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 24
सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
💦 अमृत सिद्धि योग : 02:34 पी एम से 06:27 ए एम, अक्टूबर 24
☄️ इन्द्र योग – आज शाम 4 बजकर 7 मिनट तक
💥 उत्तरा-फाल्गुनी नक्षत्र – आज दोपहर 2 बजकर 34 मिनट तक
🌊 पाताल लोक की भद्रा – आज शाम 6 बजकर 3 मिनट से अगली सुबह 5 बजकर 45 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-घर के बाहर चौमुखा दीपक प्रज्ज्वलित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – कवि तुलसीदास जयंती, सूबेदार जोगिन्दर सिंह- (परमवीर चक्र सम्मानित), भैरोंसिंह शेखावत -( रा.) जन्म दिवस, प्रदोष व्रत ,धन त्रयोदशी / धनतेरस / भगवान धन्वंतरि जयन्ती, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, कामेश्वरी जयन्ती, हनुमान जयंती
✍🏽 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।

* 🛫 _Vastu tips 🗽
आज के दौर में लोग अपने घरों को खूबसूरत मिरर के साथ सजाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं डाइनिंग एरिया में आइना लगाने के बारे में। भोजनकक्ष में आइना लगाना बहुत ही अच्छा माना जाता है । यदि ये आकार में बड़ा हो तो ये और भी अच्छा माना जाता है। डाइनिंग एरिया की दिवार पर लगे बड़े-बड़े आइने ऊर्जा के अद्भुत स्त्रोत होते हैं।
इन आइनों को भाग्य के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। अगर भोजनकक्ष में ठीक डाइनिंग टेबल के सामने बड़ा-सा आइना लगा हो, तो उसमें खाने के दौरान देखने पर खाने के दोगुने होने का आभास होता है। जिससे भूख तो अधिक लगती ही है साथ ही घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है । जिससे घर में खुशियां आती हैं। इसके अलावा अगर आपका किचन पश्चिम मुखी है तो आप पीछे की तरफ, यानी पूर्व दिशा की दिवार पर एक गोल शीशा लगाएं। इससे आपके किचन में जो भी वास्तु दोष है वो दूर हो जायेगा।

* 🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जूठे बर्तन ना रखें: गंदे और जूठे बर्तनों की तरफ मक्खियां सबसे ज्यादा आकर्षित होती हैं। ऐसे में आप कभी भी सिंक में गंदे बर्तन ना छोड़ें।
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विनेगर: विनेगर यानी सिरका घर से मक्खियां को भागने में बेहद ही असरदार है। इसके लिए एक कंटेनर में विनेगर लेकर उस पर अच्छी तरह से प्लास्टिक बांध दें। अब इस प्लास्टिक में छोटे-छोटे छेद कर दें। सिरके की खुशबू से मक्खियां उनकी तरफ आकर्षित होती हैं. लेकिन, जब वो कंटेनर के पास आएंगी तो प्लास्टिक में फंस जाएंगी।
तुलसी का पौधा: तुलसी का महत्व सिर्फ कथाओं में ही नहीं है, बल्कि यह जादुई पौधा मक्खियों को घर से भागने में बहुत कारगर है। घर में तुलसी का पौधा लगाये और मक्खियों को भगाएं। इसके अलावा आप टकसाल, लैवेंडर या गेंदे के पौधे भी लगा सकते हैं।
पुदीना या लैवेंडर का पौधा: मक्खियों में करोड़ों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। इसलिए उन्हें घर भगाने के लिए आप अपने घर में पुदीना या फिर लैवेंडर का पौधा लगा सकते हैं। यह पौधे नेचुरल रिपेलेंट की तरह काम करते हैं। आप इन पौधों को उस जगह रखिये जहां से मक्खियां घर के अंदर आती हैं।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
🤏🏼 कफ होने पर क्या करें?
अगर आपका भी गला खराब हो और आपको सर्दी जैसा लग रहा हो तो आप दालचीनी का उपयोग कर सकते हैं। बस आप एक चौथाई चम्मच(1/4) दालचीनी पाउडर लें। साथ ही आप इसमें थोड़ा शहद मिला लें।
👉🏼 दालचीनी के फायदे
दालचीनी का सेवन करने से डायजेशन की दिक्कत ठीक होती है।* इससे कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी ठीक होती है।*
ब्लड प्रेशर संबंधी समस्या में आराम मिलता है।* दालचीनी का सेवन से डायबिटीज की समस्या कम होती है।*
पीरियड्स के समय इसका सेवन करने से आराम मिलता है।* सर्दी में दालचीनी खाने से कफ,कोल्ड,फीवर ठीक होता है।*
दालचीनी वायरल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन भी ठीक करती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति में बताई गई बातों पर जो व्यक्ति अमल करता है वह जीवन में सफलता के शिकार पर पहुंचता है। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार व्यक्ति को जब व्यक्ति धनी बन जाए तो उसे कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि धन प्राप्ति होने पर की गई जरा सी लापरवाही बड़ी मुसीबत भी बन सकती है। इसलिए इन बातों को समझ लें
अपने धन के बारे में किसी को न बताएं धनी बनने पर एक बात जो सबसे पहले करनी चाहिए वो है इसका ज़िक्र कभी किसी से न करें। अपनी मेहनत से अर्जित किए गए धन की सुरक्षा करनी चाहिए। अपने धन की निरंतर चर्चा करने से आप चरों ओर से शत्रु बना लेंगे। साथ ही आपके बारे जानकर चोर सक्रिय हो जाते हैं और मौका पाते ही आपको क्षति पहुंचा सकते हैं।
धन-दौलत का दिखावा न करें धन दौलत बढ़ने पर दिखावा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपका अच्छा चाहने वाले आपसे दूरी बना लेंगे। धन आने पर जो व्यक्ति को अति उत्साह से बचना चाहिए। धन का दिखावा करने से शत्रुओं की संख्या बढ़ती है। इसलिए धन आने पर गंभीरता और धैर्य का परिचय देना चाहिए।धन का प्रयोग स्वयं और दूसरों की बेहतरी करने के लिए करना चाहिए।
धन खर्च पर नियंत्रण रखें धन आने पर इसका खर्च सोच समझकर करना चाहिए। संकट की घड़ी में धन ही सच्चा मित्र होता है। इसलिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए धन का सही तरह से इस्तेमाल करना चाहिए।
धन का इस्तेमाल किसी बुरे कार्य के लिए न करें धन का इस्तेमाल अच्छे कार्यों के लिए ही करें। दूसरों को अपमानित और अनिष्ट करने के लिए कभी भी धन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जो ऐसा करते हैं उनसे धन की देवी लक्ष्मी नाराज होती हैं। धन का प्रयोग सही तरह से करना चाहिए।
●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●
⚜️ कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2022 में धनतेरस का पर्व 22 अक्टूबर शनिवार और 23 अक्टूबर रविवार दोनों ही दिन मनाया जा रहा है।
धनतेरस के दिन गणेश – लक्ष्मी जी के साथ भगवान धन्वन्तरि जी और भगवान कुबेर जी, का पूजन भी अनिवार्य रूप से करना चाहिए, ऐसा करने से अयोग्य और सुख – समृद्धि की प्राप्ति होती है ।
धनतेरस के दिन सोने, चाँदी विशषकर पीतल की खरीद करने से घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है । यह भी मान्यता है कि इस दिन जिस चीज को भी ख़रीदा जाता है उसमें तेरह गुणा बढ़ोतरी होती है।
धनतेरस के दिन दीपावली पूजन के लिए लक्ष्मी – गणेश जी की मूर्ति, पूजा की सामग्री की भी खरीद कर लेनी चाहिए ।
इस दिन से दीपावली के पांचों दिनों तक संध्या के समय घर के बाहरी मुख्य द्वार के दोनों ओर अनाज के ढेर पर मिटटी के दीपक को तेल से भर कर अवश्य ही जलाना चाहिए ।
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में सांय 5:42 से रात्रि 7:26 बजे तक तक पूजा करना बहुत ही शुभ, लाभकारी होगा ।
धनतेरस के दिन बर्तन खरीद कर घर में लाते समय खाली न लाएं उसमें कुछ न कुछ मीठा अवश्य डाल कर लाएं …..अगर बर्तन छोटा हो या गहरा न हो तो मीठा उस बर्तन के साथ रख कर लाएं ..आपका घर सदैव धन धान्य से भरा रहेगा।
इस दिन घर में मिष्ठान लाने से घर में सौभाग्य का आगमन होता है ।

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