जीएसटी एक्सपर्ट : हर महीने भरने वाले रिटर्न की प्रक्रिया फिर बदलेगी; अब आसानी से मिलेगा टैक्स क्रेडिट

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । हर महीने भरने वाले जीएसटी के रिटर्न में फिर बदलाव किया गया है। बदलाव इस तरह से किए गए हैं कि मासिक रिटर्न में दी जाने वाली इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की जानकारी के मिलान में गड़बड़ी न हो और व्यापारियों को आसानी से आईटीसी का लाभ मिल सके। जानकारी का मिलान नहीं होने से आईटीसी को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी होते हैं।
जल्द भरें मासिक रिटर्न
यह बदलाव जनवरी के रिटर्न से लागू की गई है, यानी फरवरी में 20 तारीख तक भरे जाने वाले मासिक रिटर्न नए प्रावधानों के अनुसार भरना होंगे। अब यह तारीख बढ़कर 25 फरवरी शनिवार हो गई है।कर सलाहकारों के अनुसार जीएसटी रिटर्न में किया बदलाव व्यापारियों के लिए सुविधाजनक है। जीएसटी में रजिस्टर्ड सभी व्यापारियों को हर महीने 20 से 24 तारीख के बीच जीएसटी-3 बी के निर्धारित फार्मेट में यह रिटर्न भरना होता है। यह एक सरल रिटर्न होता है। जिसमें व्यापारी को अपनी बिक्री और खरीदी का मोटा-मोटा हिसाब देकर अपनी टैक्स देनदारियों का भुगतान करना होता है।
जीएसटी एक्सपर्ट मुकुल शर्मा ने बताया कि जीएसटी रिटर्न 3 बी में बदलाव की लंबे समय से मांग की जा रही थी। वित्त वर्ष के बीच में यह बदलाव करने से कर सलाहकारों का काम बढ़ गया है। उन्हें हर व्यापारी का इस वित्त वर्ष का दो तरह का रिकॉर्ड रखना होगा।



