पिता पुत्री सुसाइड कांड, छह आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा कर मांगे निर्माण के सबूत
आरोपी डॉक्टर की जमानत निरस्त, भेजा जेल, आरोपियों के अवैध निर्माण तोड़ने की तैयारी
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
विदिशा । विदिशा जिले की दुपारिया ग्राम की रक्षा गोस्वामी और फिर उसके पिता धीरेंद्र गिरी गोस्वामी की आत्महत्या के मामले में ग्राम पंचायत ने प्रकरण के सभी छह आरोपियों के घरों के निर्माण अवैध बताते हुए उनके घरों- पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। नोटिस में उल्लेख है कि उनके द्वारा निर्माण पंचायत की अनुमति के बिना किया गया है, यदि उनके पास कोई अनुमति है तो वे तीन दिन में दिखाएं।
सरपंच देवेंद्र सिंह यादव ने इस प्रकार के नोटिस चस्पा किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ये नोटिस सोमवार को आरोपियों के घरों पर लगाए गए हैं। आरोपी सुदीप धाकड़, दिनेश सहित सभी छह आरोपियों के घरों के ये नोटिस सरपंच देवेंद्र यादव के लेटरपेड पर सचिव के हस्ताक्षर और सील से जारी हुए हैं। वहीं एक अन्य आरोपी डॉ. सुरेंद्र धाकड़ की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज हो गई और उसे जेल भेज दिया गया। उधर पीड़ित परिवार के लोग मंगलवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास पहुंचे जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए फिर दोहराया कि अपराधी चाहे कोई भी हों, उन्हें नहीं बख्शा जाएगा।
एसडीओपी मनोज मिश्रा ने बताया कि रक्षा गोस्वामी और धीरेंद्र गोस्वामी के मामले में आरोपी दिनेश उर्फ डॉ सुरेंद्र धाकड़ ने जमानत के लिए याचिका लगाई थी, जिसे आज खारिज कर दिया गया। वहीं मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि आरोपी डॉ. सुरेंद्र धाकड़ कुछ समय पहले तक लटेरी के बीएमओ के पद पर कार्यरत था।
नेताओं पर अब तक कार्रवाई नहीं
मृतक धीरेंद्र गिरी के सुसाइड नोट में जिन तीन नामों का जिक्र है, उनमें से किसी के भी खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। भगवान सिंह धाकड़ वर्धा, राजेश ब्योंची और कल्याणसिंह बींझ के नाम सुसाइड नोट में लिखते हुए मृतक ने लिखा था कि इन सबने मिलकर झूठा फंसाया है, इन सबको फांसी की सजा देना। ये तीनों भाजपा से जुड़े हैं और मुख्य आरोपी सुदीप के रिश्तेदार हैं।
पीडित परिवार को सीएम हाउस में बुलवाया, सीएम शिवराज सिंह बोले मुलजिमों को मैं मिट्टी में मिला दूंगा
मंगलवार को दोपहर करीब 2 बजे मृतक धीरेंद्र गिरी गोस्वामी की पत्नी, पुत्र, मामा और समाज के कुछ लोग भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले। पीडितों ने अपराधियों को कड़ी सजा की मांग करते हुए न्याय मांगा और आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई। मृतक की पत्नी के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हर स्तर पर मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा हैं कि मुलजिमों को मैं मिट्टी में मिला दूंगा। आप निश्चिंत रहें. मुझे आपकी चिंता है। इसके पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मोबाइल फोन पर बात की थी। सोमवार को ही प्रशासन की ओर से पीडित परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया था। मृतक की पत्नी ने अपने परिवार की सुरक्षा को खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री से मदद की मांग की थी।



