वन भूमि निजी हाथों में सौंपे अन्य समस्याओं के खिलाफ कांग्रेस द्वारा सौंपा ज्ञापन

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर। सिहोरा कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा आदिवासियों के उपयोग की 37 लाख हेक्टेयर वन भूमि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस ने साथ ही हिरन नदी से अवैध उत्खनन रोकने, गेहूं की सोसायटी खरीद में किसानों से अवैध वसूली रोकने, एवं अवैध अतिक्रमण पर रोक लगाने की मांग की गई।
कार्यक्रम राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय सचिव विवेक अवस्थी के नेतृत्व में, जिला उपाध्यक्ष पवन सोनी के संयोजन में,जिला अध्यक्ष कमला प्रसाद पटेल, बब्बू यादव,राजेश सोनी की अगुवाई में सम्पन्न हुआ, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रकाश कुरारिया, अध्यक्ष बिहारी पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में जितेन्द्र श्रीवास्तव, बाबा कुरैशी, संदीप व्यौहार, राजेश चौबे,राम गोपाल पटेल, घनश्याम बड़गैया उपस्थित थे।
विवेक अवस्थी ने बतलाया कि मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा 37 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र को निजी निवेशकों के माध्यम से विकसित करने की प्रस्तावित नीति वर्ष 2025 जनजातीय समुदाय और पारंपरिक वन निवासी के साथ गंभीर साजिश है मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जंगलों में बसे या लगे हुए प्रत्येक गांव संयुक्त वन प्रबंधन समितियां बनाई गई हैं और यह वन विभाग के अधीन है वन अधिकार कानून 2006 की कंडिका 3 (1) झ मैं ग्राम सभा को वनों का संरक्षण और प्रबंधन का अधिकार दिया गया है प्रस्तावित नीतियों से वन अधिकारी कानून और पेसा नियमों का उल्लंघन होगा 21 जनजाति संख्या वाले प्रदेश में इनकी आजीविका और आस्था वनों से जुड़ी हुई है नीतियों में वन उपज पर 20% भाग वन समिति को शीश पर निजी निवेशकों का अधिकार होगा। जो की पूर्णता गलत है एवं हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
पवन सोनी ने अपने वक्तव्य में बतलाया की हिरन नदी हमारे सिहोरा की जीवनदायनी माता है एवं नर्मदा नदी की सहायक नदी है जिस पर अवैध उत्पादन से न केवल उसका सीना छल्ली हो रहा है बल्कि वह साथ ही साथ अपनी समाप्ति की ओर अग्रसर हो रही है अगर अवैध उत्खनन को तत्काल नहीं रोका गया तो हिरन नदी का अस्तित्व बचाना संभव नहीं रहेगा।
कार्यक्रम में आलोक पांडे, गिरधर सरावगी, लालबहबुर पाठक, वीरेंद्र पटेल, ओमनारायण श्रीवास्तव, कौशल दाहिया, मुकेश पाटकर, अंकुर करे, शंकर वंशकार, अज्जू भाईजान, जितेन्द्र तिवारी, बालाराम तंतुवाय, गौसभाई आजाद, वीरेन्द्र खरे, आशीष व्यौहार, डब्बू पाठक, बिट्टू खान, जमीला बानो, गणेश पटेल ,राम लोचन कोल, उमाकांत चौरसिया, बलराम राय, हुकुम सिंह, संतोष, ईश्वर दास, सोनेलाल कोल, बलराम पटेल, बेडीलाल कोल, दुखीलाल कोल, प्रदीप कुमार सहित अनेकों कांग्रेस जन उपस्थिति थे।



