क्राइम

काले हिरण शिकार मामले में लापरवाही पर रेंजर महेन्द्र पलेचा निलंबित

हिंदू संगठनों के विरोध के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई
मृगांचल एक्सप्रेस की खबर का असर

सिलवानी। कुछ दिन पूर्व उप वनमण्डल सिलवानी क्षेत्र में काले हिरण के शिकार और मांस जब्ती की घटना सामने आने के बाद सनातन समाज एवं विभिन्न हिंदू संगठनों ने तीव्र विरोध जताया था। इस मामले को मृगंचल एक्सप्रेस द्वारा गंभीरता से उठाया गया और लगातार समाचार प्रकाशित किए गए। खबरों का असर यह हुआ कि वन विभाग ने पश्चिम परिक्षेत्र सिलवानी के रेंजर महेन्द्र कुमार पलेचा को लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक एवं पदेन वन संरक्षक, भोपाल वृत्त द्वारा दिनांक 30 मई 2025 को आदेश क्रमांक स्था/2025/151 के तहत की गई।
प्रकरण का विवरण
15 अप्रैल 2025 को पश्चिम परिक्षेत्र सिलवानी में काले हिरण के शिकार की घटना हुई थी। शिकार के बाद आरोपी के निवास स्थान से मांस जब्त किया गया था, बावजूद इसके रेंजर महेन्द्र पलेचा द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी को शीघ्र छोड़ दिया गया और एक माह तक वन अपराध का प्रकरण तक दर्ज नहीं किया गया, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
रिपोर्ट और अनुशासनात्मक कार्रवाई 28 मई को रायसेन वनमंडलाधिकारी द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में रेंजर की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई। प्रथम दृष्टया महेन्द्र पलेचा पर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता के आरोप सिद्ध होते नजर आए, जिसके चलते उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा तथा उनका मुख्यालय वन मंडल विदिशा निर्धारित किया गया है।
जनदबाव और संगठनों का विरोध हिंदू संगठनों ने इस मामले को लेकरी कई बार दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। चेतावनी दी गई थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः प्रशासन ने जनभावनाओं को गंभीरता से लिया और उचित कार्रवाई की।

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