कृषि

धूल खा रहे है करोडो की लागत से बने मृदा परीक्षण केन्द्र और प्रोयोगशाला

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेडा । नगर साईखेडा में मप्र शासन के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने किसानो खेती को लाभ धंधा बनाने के लिए जिले में विकासखंड स्तर पर मृदा परीक्षण केन्द्र और प्रयोगशाला बनाने का संकल्प लिया और वर्ष 2017 मेंकरोडो की लगात से भवन निर्माण कराये गये लेकिन आज तक शुरू न होने के कारण भवन झूल खा रहे है। और जीणशीण हो रहे है दरारो में सांप बिच्छू बिल बिला रहे है । मप्र शासन द्वारा किसानो को अच्छी खेती के लिये मृदा परीक्षण केन्द्र और प्रयोगशाला बनाऐ थे जिससे किसानी की मिट्टी का परीक्षण समय पर करा सके और खेतो में अच्छी फसल उगा सके और अपनी आमदनी दुगनी कर सके. लेकिन उन्हे ये योजना सपना ही बनी है। साईखेडा में मप्र के शासन किसान कल्याण और किसान विकास विभाग द्वारा 14 अक्टूबर 2017 को तत्कालीन कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के मुख्य अतिथित्य उदयप्रताप सिंह सांसद, जालम सिंह पटेल नरसिंहपुर, संजय शर्मा बोहानी, कैलाश जाटव गोटेगांव बिधायक और कैलाश सोनी भाजपा जिलाध्यक्ष के विशिष्ट अतिथिय में तथा गाडरवारा क्षेत्रीय बिधायक गोविन्द सिंह पटेल की अध्यक्षता में लोकार्पण किया गया था लेकिन आज दिनांक तक मृदा परीक्षण और प्रयोगशाला का बिधिवत संचालन शुरू नहीं हुआ। प्रयोगशाला का प्रारंभ होने से अनेक युवाओं को रोजगार मिल जाता सकता था. इसी प्रकार जिले अन्य विकासखंडो मै यही हाल बने मृदा परीक्षण केन्द्रो का है। मीडिया सोशल मीडिया द्वारा बार बार खबरे प्रकाशित कर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास किया लेकिन जिले के जनप्रतिनिधियो और अधिकारियो के कानो पर जू नहीं रेगती। क्षेत्रीय किसानो ने शीघ्र ही मृदा परीक्षण केन्द्र और प्रयोगशाला खोले जाने की मांग की जिससे किसानों को सूबिधा का लाभ मिल सके।

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