क्राइम

जंगली सुअर के शिकार मामले में तीन आरोपियों को दो दो वर्ष की सजा

न्यायालय ने लगाया अर्थदंड
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । कटनी वन मंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा में वर्ष 2017 में जंगली सुअर के शिकार के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है ।
जानकारी के अनुसार, 4 फरवरी 2017 को पी.एफ. 293 क्षेत्र में खूंटी से करंट लगाकर जंगली सुअर का शिकार किया गया था । इसके बाद ग्राम छोटी कारीपाथर में वन्य प्राणी जंगली सुअर का मांस एक घर में पकाया जा रहा था । मुखबिर से सूचना मिलने पर वन विभाग के अमले ने क्षेत्र की घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया ।
इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 179/14 दिनांक 4.02.2017 वनरक्षक रामकृष्ण दुबे द्वारा पंजीबद्ध किया गया, जिसकी जांच परिक्षेत्र सहायक अनिल सिंह ने की । जांच पूर्ण होने के बाद प्रकरण को माननीय न्यायालय ढीमरखेड़ा में प्रस्तुत किया गया, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुश्री मंजुला श्रीवास्तव ने पैरवी की ।
माननीय न्यायाधीश श्रीमती पूर्वी तिवारी, न्यायालय ढीमरखेड़ा ने 15 जून को अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी शिवराम कोल पिता विश्राम कोल, कैलाश पिता प्रेमलाल कोल तथा नरेश पिता श्यामलाल बसोर को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं 9, 39, 48, 51 एवं 52 के तहत दोषी पाया । न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

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