कृषि विशेषज्ञों के दल द्वारा ग्राम बनवार में कृषकों को मूंग फसल इल्ली के नियंत्रण की दी सलाह

कृषक बंधु फसल को जल्दी पकने एवं सूखने के लिए किसी भी खरपतवारनाशी का उपयोग न करे
ब्यूरो चीफ :भगवत सिंह लोधी
जबेरा । कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा दिये गए निर्देशों के तहत उपसंचालक कृषि जितेंद्र सिंह राजपूत द्वारा गठित डायग्नोस्टिक दल द्वारा विकास खंड जबेरा के ग्राम बनवार एवं ग्राम चोपरा में मूंग फसल का निरीक्षण कर कृषकों को इल्ली नियंत्रण की सलाह दी गई। यदि फसल की बोनी लेट की गई है और फलियां बनने की अवस्था में किसी भी प्रकार के कैटरपिलर (इल्ली) के नियंत्रण के लिए वेयेगो (टेट्रानिलिप्रोले18.8ईसी) की मात्रा 250 मि.ली./हेक्टेयर) या बेल्ट-एक्सपर्ट (फ्लुबेंडामाइड 19.9 ईसी प्लस थायोक्लोप्रिड 19.9 ईसी की मात्रा 250 मि.ली./हेक्टेयर) या एम्प्लिगो (लैम्डासीलोथ्रिन 4.6ईसी प्लस क्लोरेंट्रानिलिप्रोल9.3 ईसी) की 200 मि.ली./हे.) की दर से छिड़काव करें। यदि फसल पक गई है,तो कृषक किसी भी प्रकार का कीटनाशी का छिड़काव न करें. साथ ही कृषको को सलाह दी गई कि वो फसल को जल्दी पकाने व सूखने के लिए किसी प्रकार ने खरपतवारनाशी का उपयोग न करें इसके अवशिष्ट प्रभाव के कारण हमारे पर्यावरण, मृदा व उपज भी जहरीली हो जाती है,जिससे हमारे स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
डायग्नोस्टिक दल में में कृषि वैज्ञानिक डॉ राजेश द्विवेदी, सहायक संचालक कृषि शंकर लाल कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एम.एल. अहिरवार, कृषि विस्तार अधिकारी दीपक पटेल शामिल रहे।



