Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 15 मई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 15 मई 2023
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🚩 15 मई 2023 दिन सोमवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि कामदा नाम का एकादशी व्रत है। आप सभी अचला एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को अचला एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष एकादशी 01:03 AM, May 16 तक है ।
✏️ तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र- पूर्व भाद्रपद 09:08 AM तक उसके बाद उत्तर भाद्रपद
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपदनक्षत्र का स्वामी गुरु ग्रह है।नक्षत्र के देवता हैं, अज एकपाद।
📢 योग-विष्कुम्भ योग 01:29 AM तक, उसके बाद प्रीति योग
⚡ प्रथम करण : बव – 01:52 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – बालव – 01:03 ए एम, मई 16 तक
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:24:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:36:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:49 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:28 ए एम से 05:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:28 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:03 पी एम से 07:24 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:05 पी एम से 08:07 पी एम
💧 अमृत काल : 03:38 ए एम, मई 16 से 05:10 ए एम, मई 16
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 16
☀️ यायीजय योग – 15 मई को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से देर रात 1 बजकर 4 मिनट तक
🌞 सूर्य देव वृष राशि में प्रवेश करेंगे – 15 मई को दोपहर पहले 11 बजकर 45 मिनट पर
🚓 यात्रा शकुन – मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र- ॐ सौ सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय – किसी विप्र को लस्सी वेट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय – पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अचला एकादशी का व्रत (समर्त)/ अगस्ती लोप/ जल क्रीड़ा एकादशी (उड़ीसा)/ भद्रकाली एकादशी (पंजाब), राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत पुण्य तिथि, नेता देवेंद्रनाथ ठाकुर जन्म दिवस, माधुरी दीक्षित नेने जन्मोत्सव, क्रान्तिकारी सुखदेव जन्म दिवस, देबेंद्रनाथ टैगोर जयन्ती, विश्व परिवार दिवस, पंचक जारी
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🌷 Vastu Tips 🌸
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए किराए के भवन में रहने के बारे में। नौकरी व पढ़ाई के लिए आजकल अधिकतर लोग अपने घर से दूर किराए के मकान में रहते हैं। वैसे तो किराए के मकान में आप ज्यादा बदलाव नहीं कर सकते, लेकिन उस जगह को भी आप वास्तु शास्त्र के अनुसार अरेन्ज करके अपने लिए शुभ बना सकते हैं। किराए के मकान में सामान अरेन्ज करते समय ध्यान रखना चाहिए कि मकान का उत्तर-पूर्व भाग अधिक खाली रखना चाहिए। जबकि घर के दक्षिण-पश्चिम भाग यानि दिशा में अधिक भार वाला सामान जैसे कि पलंग आदि रखना चाहिए।
पलंग का सिरहाना दक्षिण दिशा में होना चाहिए, यानि कि सोते समय आपका सिर दक्षिण दिशा में जबकि पैर उत्तर दिशा में रखने चाहिए। यदि इस दिशा में संभव न हो तो आप पश्चिम दिशा में अपना सिरहाना कर सकते हैं। पानी का बर्तन रखने के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा का चुनाव कर सकते हैं। पूजा घर के लिए भी इसी दिशा का चुनाव करना अच्छा माना जाता है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
भाग्य के कुअंक मिटाने की युक्ति
आसन बिछाकर प्रणव (ॐकार) का 3 मिनट ह्रस्व (जल्दी-जल्दी) व दीर्घ और 5 मिनट प्लुत ( दीर्घ से अधिक लम्बा ) उच्चारण करना चाहिए | कभी कम-ज्यादा हो जाय तो डरना नहीं | 40 दिन का यह नियम ले लो तो बहुत सारी योग्यताएँ जो सुषुप्त है, वे विकसित हो जायेंगी | मन की चंचलता मिटने लगेगी, बुद्धि के दोष दूर होने लगेंगे | सदा करते रहो तो बहुत अच्छा |
अपने भाग्य की रेखा बदलनी हो, अपनी 72,000 नाड़ियों की शुद्धि करनी हो और अपने मन और बुद्धि को मधुमय करना हो तो संध्या के समय 20-25 मिनट विद्युत-कुचालक आसन बिछाकर जप करें | भाग्य के कुअंक मिटा देगा यह प्रयोग |
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
सीने में दर्द होने पर करें ये उपाय
तुलसी के पत्तों को चबाने से छाती में होने वाले हल्के दर्द को ठीक किया जा सकता है। आप चाहें तो चाय में तुलसी की पत्तियां डालकर भी पी सकते हैं। इसके अलावा तुलसी का काढ़ा पीने से भी आपको काफी हद तक आराम मिल सकता है।
कई बार शरीर में विटामिन डी की कमी की वजह से भी सीने में दर्द होने लगता है। ऐसे में विटामिन डी से भरपूर चीजों का सेवन करें जैसे मशरूम, दूध, फैटी मछली आदि।
अगर आपको सीने में जलन, दर्द या भारीपन महसूस हो रहा है ऐसे में आप लहसुन का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए पहले लहसुन का रस निकालें। इसके बाद इसे एक कप गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं। ऐसा करने से आपको राहत मिल सकता है।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने गुरु और सगे-सम्बंधी से कैसे रिश्ते रखें, इस पर मार्गदर्शन दिया है।
हर व्यक्ति के पहले शिक्षक उसके माता-पिता होते हैं, फिर उसके स्कूल के शिक्षक और फिर उसके ज्ञान को बढ़ाने के लिए उसके अपने अनुभव। गुरु को भगवान के समान बताया गया है, क्योंकि गुरु के बिना शिष्य के लिए ज्ञान प्राप्त करना असंभव है। सही और गलत के बीच के अंतर का ज्ञान शिक्षक के माध्यम से ही आता है।
इसलिए हम कहते हैं कि जिस प्रकार शिष्य से गुरु के प्रति भक्ति की अपेक्षा की जाती है, उसी प्रकार गुरु से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने शिष्य को मार्ग दिखाए। हमने बताया है कि जीवन में कब गुरु, स्त्री, धर्म और संबंधियों का त्याग करना चाहिए।
त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत्।
त्यजेत्क्रोधमुखी भार्या निःस्नेहान्बान्धवांस्यजेत्॥
श्लोक के मुताबिक धर्म में यदि दया न हो तो उसे त्याग देना चाहिए। विद्याहीन गुरु को, क्रोधी पत्नी को तथा स्नेहहीन बान्धवों को भी त्याग देना चाहिए।
करुणा धर्म का मूल है आचार्य श्री गोपी राम ने एक श्लोक में कहा है कि जिस धर्म में दया न हो, उसे छोड़ देना ही अच्छा है। धर्म का आधार दया और करुणा है। किसी भी जीव या आत्मा पर दया करना हमारा मूल धर्म है। हमेशा दयालु रहने वाले व्यक्ति की खुशी का ठिकाना नहीं रहता।
ऐसे गुरु का त्याग कर देना चाहिए गुरु शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं, उसे उचित शिक्षा देकर उसे समृद्ध बनाने के लिए अच्छे और बुरे में अंतर करना सिखाते हैं, लेकिन हमारे कहने के अनुसार यदि गुरु को ज्ञान ही नहीं है तो वह शिष्य का भला कैसे कर सकता है। ऐसे गुरु से शिक्षा लेने से न केवल धन की हानि होती है बल्कि यह आपका पूरा भविष्य बिगाड़ सकती है, इसलिए ऐसे गुरु को तुरंत छोड़ देना ही बेहतर होता है।
ऐसे रिश्तेदारों से दूर रहें रिश्ते प्यार और भरोसे से बनते हैं। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जिन रिश्तेदारों में आपके लिए प्यार और स्नेह नहीं है, उनसे दूर रहना ही बेहतर है। ऐसे रिश्तेदार केवल नाम के होते हैं, जब आपका समय खराब होता है तो इससे मुंह मोड़ लेते हैं और फायदा भी उठा सकते हैं।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।


