Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 18 जून 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 18 जून 2023
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ”ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌚 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 10:07 AM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि स्वामी – अमावस्या के स्वामी पितर होते हैं। अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र म्रृगशीर्षा 06:06 PM तक उपरांत आद्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र स्वामी मंगल है वहीं राशि स्वामी शुक्र है। तथा मृगशिरा नक्षत्र के देवता चंद्रमा है।
🔔 योग – गण्ड योग 12:59 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : नाग – 10:06 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – किंस्तुघ्न – 10:43 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायः 06:47:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:42 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 08:41 ए एम से 10:24 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 19 से 12:42 ए एम, जून 19
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को भोजन कराकर लाल वस्त्र भेंट करें।
🪴 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – स्नान/दान व देवकार्य अमावस्या/ महारानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस, घृणास्पद भाषण का मुकाबला करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, युधवीर सिंह शहीद दिवस, सी. विजया राघव चारियार जन्म दिवस, अनुग्रह नारायण सिंह जन्मोत्सव, शंकर त्र्यंबक धर्माधिकारी, पी. कक्कन जन्म दिवस, केएस सुदर्शन जयन्ती, नेशनल गो फिशिंग डे, इंटरनेशनल सुशी डे, अंतरराष्ट्रीय पिकनिक दिवस, सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे, गोवा क्रान्ति दिवस, अमावस्या समाप्ति सुबह 10:07
✍🏼 विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🏚️ Vatu Tips 🛕
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में तस्वीरों के रंग के बारे में। सबके घरों में अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग तरह की, अलग-अलग रंगकी तस्वीरे लगी होती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाई जाने वाली तस्वीर भी घर पर बहुत असर डालती हैं. इसलिए घर में हर कमरे को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग रंगों की तस्वीर लगानी चाहिए। अगर घर के कमरों में प्रकृति से संबंधित रंग की तस्वीर लगाई जाए तो यह घर में रहने वाले सदस्यों के लिए बिजनेस, पढ़ाई, धन लाभ जैसे कई सुनहरे अवसरों के आगमन का कारण बन सकती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बेडरूम में यदि लाल या गुलाबी रंग की तस्वीर लगाई जाए तो पति-पत्नी के बीच प्यार और विश्वास बना रहता है। तकरार की गुंजाइश कम हो जाती है। इसके अलावा स्टडी रूम में हल्के भूरे या हल्के नीले रंग की तस्वीर लगाना अच्छा रहता है। इससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगा रहता है और तस्वीर को देखकर उन्हें सुखद अहसास होता है, जबकि बच्चों के सोने के कमरे में नारंगी या बैंगनी रंग की तस्वीर लगानी चाहिए।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुबह सुबह घास पर चलने से क्या होता है।
रोजाना सुबह के समय नंगे पैर घास पर चलने से आंखों की रोशनी तेज होती हैं। नंगे पैर घास पर चलने से बॉडी का प्रेशर पैरों के अंगूठों पर पड़ता है जो आंखों के लिए फायदेमंद है।
अगर आप किसी भी तरह की एलर्जी के शिकार हैं तो आपको घास पर चलने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
डिप्रेशन के शिकार लोगों को घास पर रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट चलना चाहिए। इससे उन्हें आराम मिलेगा।
डायबिटीज के मरीजों को भी सुबह के समय घास पर चलने से डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदा मिलता है।
घास में सुबह के समय चलने से आप रिलेक्स फील करेंगे और तनाव नहीं होगा।
🍸 आरोग्य संजीवनी 🍶
मांसपेशियों की कमजोरी-पैरों का सुन्नता के बाद, इस बीमारी में मांसपेशियां कमजोर महसूस हो सकती हैं। आपको लग सकता है कि आपके पैरों की ताकत कम हो रही है। जितनी तेजी से आप पहले काम करते थे, अब आप उतनी तेजी से काम नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही ये समस्या समय के साथ और बढ़ती हुई नजर आ सकती है।
पैरों में अकड़न और तेज दर्द-डायबिटीज के मरीजों को न्यूरोपैथी की समस्या के कारण पैरों में हमेशा दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है। आपको लग सकता है कि ऐंठन इतनी ज्यादा है कि ये बेचैनी पैदा कर रही है और आपको इस वजह से नींद नहीं आ रही। ये असल में, मासंपेशियों और नसों का नष्ट होना है जिस वजह से पैरों का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ गया है।
पैरों का सड़ना-पैरों का सड़ना, डायबिटीज का सबसे गंभीर असर है। दरअसल, इसमें होता ये है कि शुगर आपकी नसों को खाने लगती है और छोटा सा घाव ठीक नहीं होता और सड़ने लगता है। इसका सबसे बड़ा कारण है खराब ग्लाइसेमिक कंट्रोल, पैर की चोट, पैर की देखभाल सही से न करना, खराब फिटिंग वाले जूते और ड्राई स्किन।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने शास्त्र में मानव जीवन से जुड़े लगभग हर पहलू के बारे में वर्णन किया है। कहा जाता है जो व्यक्ति अपने जीवन में इनकी बातों को अपनाता मानता है, उसे सफलता को मिलती ही है साथ ही साथ घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। तथा जीवन सरल हो जाता है। तो आइए जानते हैं। ऐसे श्लोकों के बारें में जिनमें आचार्य श्री गोपी राम ने गुरु की माता का क्या स्थान होता है, माता की सेवा करना तथा विद्या किसी भी व्यक्ति के जीवन में क्या मायने रखती है, इस बारे में जानकारी दी है।
श्लोक- सर्वावस्थासु माता भर्तव्या
भाव- माता की सेवा परम धर्म अर्थात- प्रत्येक अवस्था में सर्वप्रथम माता का भरण-पोषण करना चाहिए।माता जन्म देने वाली होती है। वह अपनी संतान का पालन-पोषण अपने दूध से करती है। दूध का ऋण उतारना असंभव है। अत: माता की सेवा करना परम धर्म होना चाहिए।
श्लोक- गुरूणां माता गरीयसी
भाव- गुरु की माता सर्वोच्च अर्थात- माता का स्थान समाज में सबसे ऊंचा होता है परन्तु गुरु की माता का स्थान हमेशा से ही सर्वोच्च माना गया है।
श्लोक- वैदुष्यमलंकारेणाच्छाद्यते।
भाव ‘विद्या’ ही सच्चा आभूषण अर्थात- सौंदर्य अलंकारों अर्थात आभूषणों से छिप जाता है। इसका अर्थ है कि विद्या ही मनुष्य का सच्चा आभूषण है। उसी से उसका सौंदर्य है। कृत्रिम आभूषणों को धारण करके एक विद्वान अपनी बुद्धिमत्ता को छिपा डालता है।
श्लोक- दुष्कलत्रं मनस्विनां शरीरकर्शनम्
भाव- कलह नहीं उचित अर्थात- यदि परिवार में पत्नी कलह करने वाली हो तो चिंतनशील व्यक्ति उसकी रोज की कलह से व्यथित होकर निर्बल हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि परिवार में कलह से बचा जाए।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।


