क्राइम

LDC, 2 प्राचार्य के निलंबन के लिए भेजा पत्र, 3 रिटायर्ड प्राचार्य पर भी होगी कार्रवाई

बीईओ कार्यालय में घोटाला 22 खाताधारक में से 12 कर्मचारी ही नहीं, फिर भी डाल दी राशि
जिन लोगों के खाते में राशि पहुंची, उनके खिलाफ एफआईआर करने थाने में दिया आवेदन

सिलवानी । सिलवानी के ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुए एक करोड़ 3 लाख 75 हजार 344 रुपए के घोटाले को लेकर उन सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है, जिनके खाते में यह राशि पहुंची है। जांच में सामने आया कि 22 खाताधारकों में 12 कर्मचारी नहीं है, इसके बावजूद उनके खाते में राशि डाली गई है। जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने एलडीसी चंदन अहिरवार और आहरण अधिकारी घनश्याम मेहरा प्राचार्य कन्या उमा विद्यालय बाड़ी एवं सुनील रजक प्राचार्य कन्या हायर सेकंडरी स्कूल गैरतगंज को निलंबित करने का प्रस्ताव डीपीआई में भेजा है। जबकि सेवानिवृत 3 प्राचार्य केसी विश्वकर्मा सियरमऊ, पीपी गुप्ता बम्होरी और दर्शन चौधरी बम्होरी पर भी कार्रवाई करने के लिए लिखा है। यह 5 प्राचार्य उस समय आहरण अधिकारी रहे हैं, जिनके हस्ताक्षर से यह राशि संबंधित व्यक्तियों के खाते में डाली गई थी। घोटाला करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरु की गई है। एफआईआर के डर से बचने के लिए कुछ लोगों ने 26 लाख रुपए की राशि सरकारी खाते में जमा भी करवा दी है।
गैर सरकारी कर्मचारियों के खाते में डाली राशि
इस फर्जीवाड़े में सबसे बड़ी रकम 37 लाख 22 हजार 427 रुपए की राशि सुमन अहिरवार के खाते में डाली गई है। यह कोई सरकारी कर्मचारी भी नहीं है। इसी तरह सियाबाई अहिरवार को 2 लाख 27 हजार 619 रुपए, गायत्री सूर्यवंशी को 163679 रुपए, गायत्री बघेल को 33702 रुपए, शिवदास को 57437 रुपए, भोजराज अहिरवार को 79686 रुपए, शंभुदयाल अहिरवार को 63375 रुपए, सुनीता बाई को 146005 रुपए, पुष्पेद्र सिंह ठाकुर को 146215 रुपए, भैरव सिंह सूर्यवंशी को 105311 रुपए, नाथूराम अहिरवार को 109606 रुपए और शंभुदयाल अहिरवार को 976963 रुपए का भुगतान उनके खाते में किया गया है, जबकि यह सभी 12 लोग शिक्षा विभाग में कर्मचारी तक नहीं है, फिर भी उनके खातों में राशि डालकर बंदरबांट किया गया है।
अतिथि शिक्षकों के खाते में ट्रांसफर हुई राशि
सरकारी राशि का बंदरबांट करने के नाम पर अतिथि शिक्षक सलीम खान को 708058 रुपए, चांद खान को 742300 रुपए, चांद खान पुत्र खलील खान को 540841 रुपए, सलमान खान को 431858 रुपए, शाहरुख खान को 441780 रुपए, देवेंद्र श्रीवास्तव को 530560 रुपए, राम लोचन रघुवंशी को 378233 रुपए का गलत तरीके से भुगतान किया गया है। जबकि आउट सोर्स कर्मचारी तुलसीराम मेहरा के खाते में भी 35946 रुपए का भुगतान किया गया है।
अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध
इस पूरे फर्जीवाड़े में बीईओ, लेखापाल और कंप्यूटर आपरेटर की सांठगांठ सामने आई है। क्योंकि उनके रिश्तेदारों के खाते में ही यह सरकारी राशि ट्रांसफर की गई है। जिन 22 खातों में राशि डाली गई है उनमें से 12 लोग तो ऐसे हैं, जो शिक्षा विभाग में कर्मचारी तक नहीं है। यह पूरा फर्जीवाड़ा 2018 से 2022 के बीच हुआ है। जिला कोषालय अधिकारी की माने तो कोई भी भुगतान पत्रक बिना अधिकारी के अनुशंसा के बिना नहीं आता है, मतलब अधिकारी के चेक करने के बाद ही उसे भुगतान के लिए कोषालय में भेजा जाता है।
इस संबंध में आरके गुप्ता, जिला कोषालय अधिकारी रायसेन का कहना है कि जिन लोगों के खाते में सरकारी राशि डाली गई है, उन सभी के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निर्देशित किया गया है। डीईओ के माध्यम से थाने में एफआईआर के लिए शिकायती आवेदन भेजा गया है।
डीडी रजक जिला शिक्षा अधिकारी रायसेन का कहना है कि ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिलवानी में पदस्थ एलडीसी और 2 प्राचार्यों को निलंबित करने एवं सेवानिवृत हो चुके तीन प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव डीपीआई में भेजा गया है। 22 लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर करवाने के लिए पत्र दिया गया है।

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