पेंशनर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम का विधायक को दिया ज्ञापन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । मध्यप्रदेश पेंशनर एसोसिएशन के दर्जनों लोगों ने क्षेत्रीय विधायक निवास पर पहुंच कर सरकार से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम विधायक देवेन्द्र पटेल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश के 6 लाख पेंशनर की ज्वलंत लंबित मांगों का सरकार द्वारा विधानसभा एवं लोकसभा निर्वाचन के पश्चात राज्य पेंशनर की समस्याओं का समाधान कर शासन राहत प्रदान करेगी। परंतु ऐसा नहीं होने से सरकार के प्रति नाराजगी और घोर असंतोष व्याप्त है। साथ ही पेंशनर निराशा एवं कुंठाग्रस्त है।
पेंशनर एसोसिएशन ने क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन देकर उक्त मांगों को सरकार तक पहुंचाने और निराकरण कराने की मांग की है।
पेंशनर द्वारा विभिन्न मांगें केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों के पेंशनर को 50 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दी जा रही है, परंतु मध्यप्रदेश के पेंशनर को 46% की दर से महंगाई राहत दी जा रही है उक्त 4 प्रतिशत महंगाई राहत राशि शीघ्र स्वीकृत की जाए।
मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की धारा 49 अभिलंब समाप्त की जाए।
मध्यप्रदेश के पेंशनर्स के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए। वर्तमान में शासन द्वारा 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद 20 प्रतिशत की दर से भत्तों में वृद्धि की जाती है लेकिन उच्च न्यायालय निर्णय के अनुसार पेंशनर को 79 वर्ष आयु पूर्ण होने पर 20 प्रतिशत का लाभ दिया जाए। 30 जून एवं 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनर को एक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाए। इसके लिए न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करना न्याय उचित नहीं है बिना न्यायालय के निर्णय के एक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। केंद्र के समान राज्य पेंशनर्स के नियमों में आश्रित बेटी, अविवाहित, विधवा, विकलांग बेटी को आजीवन परिवार पेंशन प्रदान की जाए।
छठवें एवं सातवें वेतनमान के एरियर्स का भुगतान किया जाए।
आदिम जाति कल्याण विभाग के शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के समान नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान दिया जाए। समस्त शिक्षकों के अवकाश के नगदीकरण कर भुगतान किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में मंसाराम पंथी, चंद्रभूषण दीवान, हरिसिंह ठाकुर, ओपी श्रीवास्तव, बालाप्रसाद नायक, भैयालाल गौड़, हफीज अली, रामप्रसाद साहू, वीके खरे, जीडी वर्मा, शिवप्रसाद विश्वकर्मा, जमुना प्रसाद चौरसिया, सैयद आबिद हुसैन आदि सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।



