ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 21 अगस्त 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 21 अगस्त 2024
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – बुधवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 05:07 PM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है । द्वितीया तिथि के स्वामी सृष्टि के रचियता भगवान ‘ब्रह्मा’ जी हैं। इसका विशेष नाम ‘सुमंगला’ है। यह भद्रा संज्ञक तिथि है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 12:33 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी ग्रह बृहस्पति है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के देवता हैं, अज एकपाद यानी एक पैर वाला अजन्मा है।
⚜️ योग – सुकर्मा योग 05:00 PM तक, उसके बाद धृति योग
प्रथम करण : तैतिल – 06:49 ए एम तक गर – 05:06 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 03:25 ए एम, अगस्त 22 तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:26 ए एम से 05:10 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:48 ए एम से 05:54 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:34 पी एम से 03:26 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:54 पी एम से 07:16 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:54 पी एम से 08:00 पी एम
💧 अमृत काल : 05:25 पी एम से 06:51 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-बहते जल में 27 मूंग के दाने प्रवाहित करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अशून्य व्रत/ पंचक जारी/ राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस, अंतर्राष्ट्रीय स्मरण एवं श्रद्धांजलि दिवस, राष्ट्रीय स्पूमोनी दिवस, राष्ट्रीय वित्त दलाल दिवस, कवि दिवस, इंटरनेट सेल्फ केयर डे, राष्ट्रीय मेडिकल डोसिमेट्रिस्ट दिवस, राष्ट्रीय स्पूमोनी दिवस, भारतीय अभिनेत्री भूमिका चावला जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
कलह दूर करने के वास्तु उपाय
वास्तु दोष के समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए घर के मुख्य द्वार पर कुछ उपाय करने चाहिए. घर का वास्तु सही रहे इसके लिए हर दिन सुबह घर के मंदिर में धूप जलाएं.
थोड़े से जल में हल्दी मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर इस पानी के छींटें मारें. इसके बाद द्वार के दोनों तरफ साफ जल प्रवाहित करें. ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
मुख्य द्वार पर हल्दी के पानी का छिड़काव करने से वास्तु दोष से छुटकारा मिलता है. घर को हमेशा साफ-सुथरा रखें. जिस घर में गंदगी होती है वहां लक्ष्मी माता कभी नहीं टिकती हैं.
घर में अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता है तो रात को सोने से पहले किसी पीतल के बर्तन में कपूर जलाएं और इसे पूरे घर में दिखाएं. कपूर के इस उपाय से गृह क्लेश का नाश होता है और घर में शांति बनी रहती है.
पति-पत्नी में क्लेश बना रहता है तो रात को सोते समय तकिये के नीचे कपूर रख सोएं और सुबह उसे जला दें. इसके बाद इसके राख को बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें. इस उपाय को करने से आपस में शांति बनी रहती है और पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है.
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
दिल की बीमारियां नींद की कमी का सबसे बड़ा असर आपके दिल पर पड़ता है. जब आप पूरी नींद नहीं लेते, तो आपका दिल और ज्यादा काम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना होती है. लगातार उच्च रक्तचाप हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है. इसके अलावा, नींद की कमी से दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं, जिससे हार्ट फेलियर का भी खतरा बढ़ जाता है.
डायबिटीज नींद की कमी आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म पर भी असर डालती है. जब आप अच्छी नींद नहीं लेते, तो आपके शरीर में इंसुलिन की मात्रा बिगड़ सकती है. इंसुलिन वह हार्मोन है जो आपके शरीर में शुगर के स्तर को कंट्रोल करता है. अगर इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं करता, तो इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
🍂 आरोग्य संजीवनी ☘️
ब्लड शुगर करे कंट्रोल नीम शरीर के लिए बेहद गुणकारी माना जाता है. इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल आसानी से कंट्रोल हो सकता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए नीम का कोई भी हिस्सा फायदेमंद हो सकता है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह पर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए.
स्किन की समस्याएं दूर करे त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या को दूर करने में नीम जबरदस्त तरीके से काम करता है. नीम में पाया जाने वाला एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण पिंपल्स और एक्जिमा जैसी स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करने का काम करता है.
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
💐💐अहंकार की सजा💐💐
एक बहुत ही घना जंगल था। उस जंगल में एक आम और एक पीपल का भी पेड़ था। एक बार मधुमक्‍खी का झुण्‍ड उस जंगल में रहने आया, लेकिन उन मधुमक्‍खी के झुण्‍ड को रहने के लिए एक घना पेड़ चाहिए था।
रानी मधुमक्‍खी की नजर एक पीपल के पेड़ पर पड़ी तो रानी मधुमक्‍खी ने पीपल के पेड़ से कहा- हे पीपल भाई, क्‍या मैं आपके इस घने पेड़ की एक शाखा पर अपने परिवार का छत्‍ता बना लुं?
पीपल को कोई परेशान करे यह पीपल को पसंद नहीं था। अहंकार के कारण पीपल ने रानी मधुमक्‍खी से गुस्‍से में कहा- हटो यहाँ से, जाकर कहीं और अपना छत्‍ता बना लो। मुझे परेशान मत करो।
पीपल की बात सुन कर पास ही खड़े आम के पेड़ ने कहा- पीपल भाई बना लेने दो छत्‍ता। ये तुम्‍हारी शाखाओं में सुरक्षित रहेंगी। पीपल ने आम से कहा- तुम अपना काम करो, इतनी ही चिन्‍ता है तो तुम ही अपनी शाखा पर छत्‍ता बनाने के लिए क्‍यों नहीं कह देते?
इस बात से आम के पेड़ ने मधुमक्‍खी रानी से कहा- हे रानी मक्‍खी, अगर तुम चाहो तो तुम मेरी शाखा पर अपना छत्‍ता बना लो।
इस पर रानी मधुमक्‍खी ने आम के पेड़ का आभार व्‍यक्‍त किया और अपना छत्‍ता आम के पेड़ पर बना लिया। समय बीतता गया और कुछ दिनों बाद जंगल में कुछ लकडहारे आए। उन लोग को आम का पेड़ दिखाई दिया और वे आपस में बात करने लगे कि इस आम के पेड़ को काट कर लकड़िया ले लिया जाये।
वे लोग अपने औजार लेकर आम के पेड़ को काटने चले, तभी एक व्‍यक्ति ने ऊपर की ओर देखा तो उसने दूसरे से कहा- नहीं, इसे मत काटो। इस पेड़ पर तो मधुमक्‍खी का छत्‍ता है, कहीं ये उड़ गई तो हमारा बचना मुश्किल हो जायेगा।
उसी समय एक आदमी ने कहा- क्‍यों न हम लोगों को ये पीपल का पेड़ ही काट लिया जाए। इसमें हमें ज्‍यादा लकड़ियां भी मिल जायेगी और हमें कोई खतरा भी नहीं होगा।वे लोग मिल कर पीपल के पेड़ को काटने लगे। पीपल का पेड़ दर्द के कारण जोर-जोर से चिल्‍लाने लगा, बचाओ-बचाओ-बचाओ…
आम को पीपल की चिल्‍लाने की आवाज आई, तो उसने देखा कि कुछ लोग मिल कर उसे काट रहे हैं।
आम के पेड़ ने मधुमक्‍खी से कहा- हमें पीपल के प्राण बचाने चाहिए… आम के पेड़ ने मधुमक्‍खी से पीपल के पेड़ के प्राण बचाने का आग्रह किया तो मधुमक्‍खी ने उन लोगों पर हमला कर दिया और वे लोग अपनी जान बचा कर जंगल से भाग गए।
पीपल के पेड़ ने मधुमक्‍खीयों को धन्‍यवाद दिया और अपने आचरण के लिए क्षमा मांगी।
तब मधुमक्‍खीयों ने कहा- धन्‍यवाद हमें नहीं, आम के पेड़ को दो जिन्‍होंने आपकी जान बचाई है, क्‍योंकि हमें तो इन्‍होंने कहा था कि अगर कोई बुरा करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम भी वैसा ही करें।
अब पीपल को अपने किये पर पछतावा हो रहा था और उसका अहंकार भी टूट चुका था। पीपल के पेड़ को उसके अहंकार की सजा भी मिल चुकी थी।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼 🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।

Related Articles

Back to top button