धार्मिक

आपको धर्मात्मा का रास्ता चुनना है या दुष्टात्मा का मार्ग फैसला आपके हाथों में – पंडित प्रदीप मिश्रा

कथा पंडाल में गुरुवार को 41.5 डिग्री गर्मी के तापमान में श्रद्धालुओं की संख्या पहुंची 2 लाख के पार
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
श्री अमरनाथ सेवा समिति रायसेन के बैनर तले दशहरे मैदान में चल रही संगीतमयी त्रिपुण्ड शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा पंडाल में शिवभक्तों की रिकार्ड तोड़ते हुए 2 लाख के लगभग पहुंची। शिव महापुराण कथा का रसपान व्यास गादी से कुबरेश्वर धाम सीहोर के विश्व विख्यात पंडित प्रदीप मिश्रा कराते हुए बोले इस संसार में इंसान को अच्छा बनना है या दुष्ट आदमी यह फैसला आपको ही चुनना होगा। रायसेन शहरवासियों ने कुछ नेक अच्छे पुण्य कार्य किए जिससे त्रिपुण्ड शिव महापुराण सुनने का सौभाग्य मिला है।इस तरह के धार्मिक कार्य गतिविधियों को आप निरन्तर जारी रखना। व्यक्ति द्वारा शिव भगवान के लिए किए गए व्रत, जप, तप, साधना, एकादशी व्रत, नवरात्रि व्रत आदि से पुण्य मिलता है।शिवमहापुराण कथा सुनने ॐ नमः शिवाय और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं… शिव जाप इंसान फ्री sms भेजते रहें।यह व्यक्ति को अपने ऊपर निर्भर करता है कि उसे संसार में अपना रास्ता चुनना है अच्छे सत्संगी लोगों के बीच बैठना है या बाहरी उपद्रवी लोगों की संगति रखना है।
गुरुवार को 5वें दिन श्री शिव महापुराण कथा सुनने के लिए रामरसिया दरबार सीहोरा के पंडा अजब सिंह गुर्जर बाबा, इछावर के पूर्व कांग्रेस विधायक एवं रायसेन जिले के संगठन प्रभारी शैलेन्द्र पटेल, रायसेन शहर ब्लॉक कांग्रेसाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, प्रवक्ता मलखान सिंह रावत, प्रभात चावला, राजू माहेश्वरी सहित एएसपी अमृत मीणा, एसडीएम एलके खरे, एसडीओपी अदिति भावसार, समाजसेवी मनोहर मेहरा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीना मेहरा, तहसीलदार अजय प्रताप सिंह पटेल डीपीसी सीबी तिवारी, सीके पारे ने कथा सुनकर पुण्य लाभ हासिल किया। साथ ही शिवभजनों पर अतिथियों और श्रद्धालु जमकर झूमे और नाचे। मंच संचालन आशीष वर्मा ने किया। भगवान जटाधारी शंकर भोलेनाथ पर श्रद्धालुओं अटूट श्रद्धा भक्ति को दैनिक जीवन में अगर आपने पूरे मनोयोग से शामिल कर लिया तो दुनिया का कोई भी दुष्ट आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चंडाल का…. काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का। मनुष्य को भगवान औघड़दानी बाबा ने बड़े ही मुश्किल से जन्म देकर धरती पर भेजा है। इसीलिए इंसान का भी फर्ज बनता है कि धर्म के प्रति समर्पण होकर भजन कीर्तन सत्संग से जुड़कर जीवन को न बल्कि सफल बनाए।बल्कि इंसान को बुरी संगति बुरे कामों से बचना चाहिए।भगवान श्री कृष्ण के अटूट प्रेम विश्वास में पागल मीराबाई ने उन्हें पतिरूप में पाने राजपाट वैभव छोड़कर जहर का प्याला पीया।किंतु भगवान योगेश्वर ने इसे अमृत में बदल दिया था।धन्य हो गई मीरा बाई रानी से पागल दीवानी बन गली गली में मेरे तो गिरधर मोहन गोपाल दूसरे न कोई….।
भजनों पर खूब झूमे नाचे श्रद्धालु….
नाम प्रभु भोले शंभु का न भूलो… एक हमारा भोला शंकर दूजी गौरा रानी सरकार, सांसों की माला मैं सिमरू शिव का नाम ….यही मेरी भक्ति है यही मेरी पूजा शक्ति है आराधना आदि शिव भजनों पर कथा पंडाल में शिवभक्त जमकर झूमते नाचते रहे।पंडाल में हर हर महादेव घर घर महादेव और जय किले वाले सोमेश्वर महादेव।

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