कृषिमध्य प्रदेश

आधार के तर्ज पर किसानों के लिए बनाई जा रहीं फार्मर आईडी, बार-बार केवाईसी का झंझट खत्म

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । किसानों के लिए एक नई पहचान प्रणाली लॉन्च की गई, जो आधार के तर्ज पर है इस “फार्मर आईडी” के जरिए किसानों को बार-बार केवाईसी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं रहेगी
इसके लिएइसके लिए 250 कर्मचारी निरंतर काम कर रहे हैं तहसील में 24 हजार 285 किसान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं जिनमें से 16 हजार 682 किसने की फार्मर आईडी बन चुकी है शेष 7603 का काम प्रगति पर है। फार्मर आईडी बनाने वाले कर्मचारी डोर टू डोर पहुंच रहे हैं घरों से लेकर दुकानों चौराहों पर एवं गांव-गांव कैंप लगाकर फार्मर आईडी बना रहे हैं।
किसने की फार्मर आईडी बन जाने से उन्हें सरकारी योजनाओं और लाभों का फायदा बिना किसी रुकावट के मिलेगा. इस प्रणाली से किसानों की पहचान और उनके डेटा को सुरक्षित और सरल तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा।
आधार कार्ड की तरह ही, फार्मर आईडी किसानों की पहचान का डिजिटल माध्यम होगा. इसका उपयोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, और कृषि से संबंधित अन्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जाएगा. इस पहचान पत्र में किसानों की भूमि, पशुधन, फसल की जानकारी, और अन्य डिटेल्स शामिल हैं।
तहसील के अधिकारी एसडीएम सौरभ मिश्रा तहसीलदार एसआर देशमुख नायब तहसीलदार दिलीप कुमार द्विवेदी ने किसानों से अव्हान किया है कि जिन किसानों की अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है वह शीघ्र अपनी आईडी बनवा ले जिससे शासन की योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते में पहुंच सके।

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