पर्यूषण पर्व का समापन : शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान को सिर पर रखकर निकाली शोभायात्रा, किया गए पुरस्कार वितरण
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर सागर भोपाल राज मार्ग पर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कई धार्मिक आयोजन जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा किए गए कर । सुबह से ही बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों द्वारा व्रत रखे और दिगंबर जैन मंदिर और शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अर्जुन नगर में जुटे और मंदिर परिसर में ही भगवान को सिर पर रख कर ढोल नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
समाज के लोगों ने इंद्र और इंद्राणी बनकर भगवान का किया अभिषेक जैन समाज के लोग इंद्र इंद्राणीया बने भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को सिर पर धारण किया और मन्दिर की परिक्रमा लगाई। उसके बाद पांच इंद्र ने शांतिधारा पाठ किया। उसके बाद महाआरती का आयोजन किया। दिन भर जैन मंदिरों में धार्मिक आयोजन का दौर चलता रहा।
जैन समाज के मनोज जैन विशाल पवैया, नीलेश जैन, अनिल जैन, राकेश जैन, मुकेश जैन ने बताया कि पर्वराज पर्यूषण पर्व पर लगातार 10 दिनों तक पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर दुर्गा चौक और शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अर्जुन नगर में हुए धार्मिक आयोजनों का समापन हुआ। जो 10 दिनों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम हुए हैं उनका पुरस्कार वितरण भी किए गए।
शोभायात्रा निकालकर जैन मंदिर में मनाया क्षमायाचना पर्व….
पर्वराज पर्युषण पर्व के समापन के दूसरे रोज जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा जैन मंदिरों में शनिवार को क्षमायाचना पर्व मनाया।इसके पूर्व जैन समाज के लोगों ने पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर दुर्गा चौक से बैंडबाजों के बीच भगवान महावीरस्वामी के विमान की शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। जैन समाज के परिवार पारंपरिक वेशभूषा पहनकर भगवान महावीर स्वामी के जयकारे लगाते हुए शामिल हुए।शोभायात्रा के दौरान जगह जगह जैन समाज की महिलाओं बड़े, युवाओं ने विमान की आरती उतारी और झंवर झुलाने की धार्मिक रस्म अदा की।जैन मंदिरों में दोपहर के वक्त जैन समाज के लोगों ने क्षमायाचना पर्व पर धरती आकाश नदियों भगवान से पर्युषण पर्व में हुई भूल चूक गलतियों की माफी मांगी।


