ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 23 फरवरी 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 23 फरवरी 2023

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
🐁 23 फरवरी 2023 दिन गुरुवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया एवं चतुर्थी तिथियाँ है। आज वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी का पावन व्रत है। आज चन्द्रोदय का समय रात्रि 08:46 PM पर है। आप सभी सनातनियों को वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी के पावन व्रत की हार्दिक मंगलकामनाएँ।।
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति) गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – तृतीया 07:09 AM बजे तक उपरान्त चतुर्थी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्थी तिथि के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। पंचमी: इस तिथि के स्वामी नाग देवता हैं।
💫 नक्षत्र – उत्तराभाद्रपद 08:32 AM तक उपरान्त रेवती नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं ।वहीं राशि स्वामी गुरु है। शनि गुरु में शत्रुता है।
🔔 योग – शुभ 24:57 PM तक उपरान्त शुक्ल योग है।
⚡ प्रथम करण : वणिज – 02:23 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – विष्टि – 01:33 ए एम, फरवरी 24 तक
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : गुरुवार का (अशुभ ) काल 09:44 ए एम से 11:09 ए एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:19:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:41:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:12 ए एम से 06:02 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:37 ए एम से 06:53 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:14 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:14 पी एम से 06:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:17 पी एम से 07:32 पी एम
💧 अमृत काल : 01:27 ए एम, फरवरी 24 से 02:58 ए एम, फरवरी 24
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 24 से 12:59 ए एम, फरवरी 24
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
❄️ रवि योग : 06:53 ए एम से 03:44 ए एम, फरवरी 24
🕉️ शुभ योग- आज रात 8 बजकर 58 मिनट तक
☄️ रेवती नक्षत्र- आज देर रात 3 बजकर 44 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीताम्बर अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – मूल प्रारंभ/सर्वार्थसिद्ध योग, संत चतुर्थी (उड़ीसा), विनायक चतुर्थी, आध्यात्मिक गुरु बाबा हरदेव सिंह जयन्ती, अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन स्थापना दिवस, अभिनेत्री ‘मधुबाला’ स्मृति दिवस, सम्पादक ‘विजय आनन्द’ स्मृति दिवस, हिन्दी फ़िल्म जगत की अभिनेत्री भाग्यश्री जन्मोत्सव, उपन्यासकार अमृतलाल नागर पुण्य तिथि, विश्व शांति और समझ दिवस, पंचक समाप्ति 27. 43
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu Tips 🗽
अगर आप घर में काले रंग का कुत्ता पालना चाहते हैं या आप उसके लिये एक छोटा-सा डॉग हॉऊस बनवाना चाहते हैं तो किधर बनावाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार काले रंग से संबंधित चीज़ों को घर की उत्तर दिशा में रखना चाहिए, लिहाजा काले कुत्त के लिये डॉग हॉऊस भी उत्तर दिशा में ही बनवाना चाहिए। उत्तर दिशा में काले रंग की चीज़ें रखने से किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता। कानों से जुड़ी तकलीफ दूर होती है। सुनने की क्षमता अच्छी होती है और मंझले पुत्र को फायदा होता है।
अगर आपके घर में काले रंग से जुड़ी कोई चीज़ उपलब्ध नहीं है तो आप उत्तर दिशा की दिवार पर नीचे की तरफ थोड़ा-सा काला रंग करवा सकते हैं, इससे आपको वास्तु के अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपको बता दूं कि काले रंग का संबंध जल से है और जल की दिशा भी उत्तर है। इसलिए और भी बेहतर परिणाम के लिये उत्तर दिशा में एक पानी का बर्तन जरूर रखना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जीवन में उचित उद्द्यम हो
अपने जीवन में उचित उद्द्यम हो | सुबह नींद में से उठो न, तो थोड़ी देर चुप बैठो | फिर मन में बोलो, ‘जिस भगवान की शक्ति से मन की, बुद्धि की पुष्टि हुई है, मै उस भगवान का चिंतन करता हूँ…..ॐ …..ॐ ….|’ दोनों भौंहों के बीच में मन से सद्गुरु या ॐ को देखो और ॐकार का मानसिक जप करो | यह उद्द्यम शुरू में 5 मिनट करो फिर बढ़ाते जाओ, फिर देखो किसी भी क्षेत्र में भक्ति में, साधना में, पढ़ाई में …. सबमें आगे बढ़ते जाओगे | और रात को सोते समय भगवान को प्रार्थना करो की ‘प्रभु ! हमारे जीवन में उद्द्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति, पराक्रम दें | हम संसार में भी सफल होंगे और तुमको भी पायेंगे प्रभु ! हरि ॐ
🍛 आरोग्य संजीवनी 🫕
पेट में तुरंत पचने वाली चीजें-
साबुत अनाज- साबुत अनाज, जिसमें साबुत गेहूं, जई, जौ, एक प्रकार का अनाज, ब्राउन राइस, क्विनोआ और पॉपकॉर्न शामिल हैं, पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होते हैं. पोषक तत्वों और फाइबर से भरे हुए, वे मल को बढ़ाते हैं और कब्ज को रोकते हैं।
फल- आपके पाचन तंत्र के लिए सबसे अच्छे फल सेब, नाशपाती, केला, रसभरी और पपीता हैं, क्योंकि इनमें फाइबर के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर पानी भी होता है. वे स्वस्थ आंत्र आदतों को बढ़ावा देते हैं और पेट की परेशानी को कम करते हैं।
फर्मेंटेड फूड- दही, किमची, कोम्बुचा, मिसो और मसालेदार खीरे सहित प्रोबायोटिक वाले खाने पेट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. वे आंत में फायदेमंद बैक्टीरिया के संतुलन का समर्थन करते हैं और बीमार करने वाली बैक्टिरीया से सुरक्षित रखती है. पाचन में सुधार करते हैं, और सूजन और गैस को कम करते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीतियों में बड़ों, बुजुर्गों, बच्चों सभी के लिए कोई न कोई सीख दी है। जिस पर अमल कर मानव अपने जीवन में कामयाबी की बुलंदों आसानी से सकता है। आज हम आपको उन्हीं गूढ़ बातों में से एक पर चर्चा करने जा रहे हैं, जिसपर अमल कर आप भी कामयाबी के शिखर पर पहुंच सकते हैं और अपने घर को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं।
जीवन में कई ऐसे काम है जिसके करते वक्त लोग शर्म करते हैं। और यह एक सभ्य समाज के लिए जरूरी भी है। लेकिन हमने अपने नीति शास्त्र में कुछ ऐसी बातों का जिक्र किया है जिसे करते वक्त मनुष्य को कभी भी शर्म नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि कुछ ऐसे काम हैं जिसे करते वक्त मनुष्य को शर्म और लिहाज बिलकुल ही छोड़ देना चाहिए। जो व्यक्ति ऐसा नहीं करता है उसे जीवन भर पछताना पड़ता है।
हमने अपनी नीति शास्त्र नीति में चार ऐसे कामों का जिक्र किया है जिसे करते समय मनुष्य को बिलकुल ही शर्म नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं वो कौन से कार्य है जिसे करते वक्त पुरुष हों या स्त्री शर्म नहीं करना चाहिए।
👉🏻 शर्म-लिहाज छोड़ जरूर करें ये 4 काम
हर कोई चाहता है कि उसका जीवन सुखमय हो और उसके घर में सुख-शांति का वास हो, लेकिन इसके लिए धन जरूरी है। धन के लिए कमाना जरूरी है। ऐसे में लोग धन कमाने के लिए रास्ते ढूढ़ता है। हमारे कहने के मुताबिक किसी भी आदमी धन कमाने से जुड़े काम करते वक्त शर्म नहीं करना चाहिए। क्योंकि अगर कोई भी व्यक्ति धन कमाने के लिए काम करते वक्त शर्म करता है तो वह अपने काम को ठीक नहीं सकता। ऐसे में उसे ही नुकसान होता है।
इसके साथ ही आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि यदि आपने किसी को पैसे उधार में दिए हैं तो उन्हें वापस मांगते वक्त कभी शर्म नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपका पैस डूब सकता है और इसकी वजह से आपको नुकसान हो सकता है।
इसके आगे कहते हैं कि स्त्री हों या पुरुष पेट सबके लिए महत्वपूर्ण है। लोग इसीलिए कमाता है कि उनके सामने कभी भी खाने का संकट पैदा न हो। ऐसे में खाने खाते वक्त कभी भी शर्म नहीं करना चाहिए। कई लोग ऐसे होते हैं जो बाहर भोजन करते वक्त शर्मा जाते हैं और शर्म की वजह से कई बार भूखे तक रह जाते हैं। कि कभी भूख को मारना नहीं चाहिए।
इसके साथ ही आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि गुरु से शिक्षा लेते वक्त भूलकर भी शर्म नहीं करना चाहिए। दरअसल गुरु हर व्यक्ति के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका में होते हैं और हर समय उनसे मनुष्य को कुछ न कुछ सीखने को ही मिलता है। ऐसे में गुरु से शिक्षा लेने में कभी भी शर्म नहीं करनी चाहिए। एक अच्छा और सफल छात्र वही होता है जो बिना शर्म गुरु से शिक्षा ग्रहण करता है और गुरु से अपने सवालों के जवाब पूछता है।
●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●
⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।

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