नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20-20 वर्ष का दोहरा सश्रम कारावास

रिपोर्टर : बृजेन्द्र कुशवाहा
नरसिंहपुर । न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश डॉ अंजली पारे के न्यायालय द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रकरण में आरोपी राजा उर्फ सतीश कुशवाहा आ. गंगाराम कुशवाहा आयु 22 वर्ष, निवासी ग्राम पुरगंवा, चौकी सिहोरा, थाना गाडरवारा जिला नरसिंहपुर म.प्र. को दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी को भादवि की धारा 366 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000/- रूपये जुर्माना, धारा- 5(एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- जुर्माना तथा धारा- 3/4 की उपधारा (2) लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- जुर्माना सें दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्षी जिसमें अभियोक्त्री के माता पिता की साक्ष्य महत्वपूर्ण एवं विश्वसनीय मानते हुये एवं चिकित्सक द्वारा न्यायालय में दिये गये साक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए तथा चिकित्सीय साक्षी द्वारा दिये गये साक्ष्य के समर्थन में आई हुई डी.एन.ए. रिपोर्ट प्रदर्श-सी -1 को निश्चियात्मक साक्ष्य मानते हुये आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुये न्यायालय द्वारा आरोपी को उक्त सजा सें दंडित किया। प्रभारी उपसंचालक अभियोजन/जिला लोक अभियोजन अधिकारी नरसिंहपुर के मार्गदर्शन में, विशेष लोक अभियोजक संगीता दुबे द्वारा उक्त प्रकरण में सशक्त पैरवी की गई।



