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Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 18 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 18 जून 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 06:25 AM तक उपरांत द्वादशी
🖍️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र स्वाति 03:56 PM तक उपरांत विशाखा
🪐 नक्षत्र स्वामी – स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु यानि अधंकार है। स्वाति नक्षत्र के देवता पवन देव हैं।
⚜️ योग – शिव योग 09:38 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग
प्रथम करण : विष्टि – 06:24 ए एम तक
द्वितीय करण : बव – 07:01 पी एम तक बालव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:42 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:22 पी एम
💧 अमृत काल : 06:22 ए एम से 08:06 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 19 से 12:43 ए एम, जून 19
🪷 त्रिपुष्कर योग : 03:56 पी एम से 05:24 ए एम, जून 19
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को लाल वस्त्र एवं लाल फल भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – निर्जला(भीमसेनी) एकादशी व्रत-(वैष्णव/निम्बार्क)-पंचांग भेद-(सर्वे)/त्रिपुष्कर योग, रुक्मणी विवाह (उड़ीसा), गोवा क्रांति दिवस, नफरत भरे भाषण के विरोध का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, सतत गैस्ट्रोनॉमी दिवस, ऑटिस्टिक गौरव दिवस, राष्ट्रीय चेरी टार्ट दिवस, राष्ट्रीय स्प्लर्ज दिवस, रानी लक्ष्मीबाई शहिद दिवस, अभिनेत्री नसीम बानो पुण्य तिथि, स्वतंत्रता सेनानी दादा धर्माधिकारी जन्म दिवस, मिलखा सिंह पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗽 Vastu tips
यदि आप ड्राइंग रूम में कुछ परिवर्तन कर रहे हैं तो भारी सामान उत्तर या पूर्व दिशा में नहीं रखें। उसे दक्षिण या फिर पश्चिम की दीवार से लगा कर रखना शुभ होता है।
यदि आप टीवी लाए हों या पुराने टीवी को ही सही जगह रखना है तो इसे उत्तर की ओर ही लगाएं। दरअसल टीवी देखते समय आप का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
बुक सेल्फ, अलमारी अथवा अन्य वजनी सामान दक्षिण दिशा या फिर पश्चिम की दीवार से लगा कर रखना शुभ होता है। इससे घर में समृद्धी आएगी।
यदि आप का घर पूर्वमुखी है या उत्तरमुखी है तो उस दिशा को स्वच्छ रखें। दक्षिण या पश्चिम में है तो उस दिशा के कमरों को साफ-सुथरा और सजा कर रखना चाहिए।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
यूज कर सकते हैं बेकिंग सोडा- मिट्टी के बर्तनों को साफ करने के लिए डिटर्जेंट यूज करने की गलती न करें। डिटर्जेंट आपके बर्तन और बर्तन में बनने वाले खाने को खराब कर सकता है। इन्हें साफ करने के लिए आप बेकिंग सोडा यूज कर सकते हैं। बर्तनों को स्क्रब करने के लिए आप नारियल की छाल से बने स्क्रब को यूज कर सकते हैं।
सुखाना न भूलें- मिट्टी के बर्तनों को धोने के बाद सुखाना बेहद जरूरी होता है। अगर आपका मिट्टी का बर्तन गीला रह जाएगा तो उसके अंदर फफूंद लग सकती है। मिट्टी के बर्तन को किचन की किसी ठंडी और सूखी जगह पर ही रखना चाहिए।
गौर करने वाली बात- ध्यान रहे कि आपको मिट्टी के बर्तनों में खट्टे फूड आइटम्स नहीं रखने चाहिए।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
जोड़ों में दर्द- अगर आपकी बॉडी में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ा हुआ है तो आपको जोड़ों में दर्द महसूस हो सकता है। अगर आपको बार-बार जॉइंट पेन से जूझना पड़ रहा है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए । हड्डियों में दर्द जैसे लक्षण यूरिक एसिड के बढ़े हुए स्तर की तरफ इशारा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आपको जल्द से जल्द चेकअप करा लेना चाहिए।
जोड़ों में सूजन- यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से आपके जोड़ों में सूजन भी पैदा हो सकती है। इसके अलावा जोड़ों के आसपास की त्वचा के रंग में अंतर या फिर जोड़ों को टच करने पर गर्माहट महसूस होने जैसे लक्षण भी खतरे की तरफ इशारा कर सकते हैं। अगर आपको भी इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको बिना देरी किए किसी अच्छे से डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
यदि बात करें व्यक्ति के रोजमर्रा जीवन कि तो एक धन और ज्ञान ये दो चीजें उसे सफलता की सीढ़ियों तक जैसे तैसे पहुंचा ही देती हैं। कितनी भी विषम परिस्थिति हो मनुष्य पैसे और जानकारी के बल पर अपने आप को मुश्किलों से छुड़ा लेता है। लेकिन हमने अपनी एक नीति में इन दोनों चीजों को क्यों बताय है व्यर्थ आइए जानते हैं।
पुस्तकेषु च या विद्या परहस्तेषु च यद्धनम्।
कार्यकाले समुत्पन्ने न सा विद्या न तद्धनम्॥
इस श्लोक के माध्यम से कहते हैं कि जो ज्ञान किताबों तक सीमित है वह ज्ञान व्यक्ति के किसी काम का नहीं है। किताबी ज्ञान के साथ ही साथ व्यक्ति को समाजिक ज्ञान और उसकी बेहतर समझ होना जरूरी है। तभी वह ज्ञानता की श्रेणी में आएगा नहीं तो किताबी ज्ञान सिर्फ पुस्तकों तक सीमित रह जाता है। धन के विषय में चाणक्य कहते हैं कि स्वयं का धन कितना भी हो लेकिन दूसरों के हाथों में होने से वह धन किसी काम का नहीं है।
धन और ज्ञान को इस्तमाल करने का मंत्र आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी इस नीति से यही बताने का प्रयास करते हैं कि मनुष्य को चाहिए कि वह किताब की विद्या को अपने कंठ में ग्रहण करे तभी समय आने पर वह उपयोगी है और विपरीत परिस्थिति से बाहर निकालने में सक्षम है। ठीक उसी प्रकार जिस तरह विद्यालय में कंठस्थ विद्या परिक्षा में सफल होने का कार्य करती है। बात करें पैसों की तो वह अपनी नीति के माध्यम से यहीं समझाने का प्रयत्न करते हैं कि धन वही उपयोगी है जो अपनी जेब में रखा हों। क्योंकि जरूरत पड़ने पर आप तुरंत उसका उपयोग कर सकत हैं। भले कितना भी आपके पास अपना धन हो और वह दूसरे के पास है तो उसका सदुपयोग आप जरूरत पड़ने पर नहीं कर पाएंगे। इसलिए कहते हैं विद्या कण्ठ की और पैसा गांठ का ही उत्तम होता है।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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