धार्मिक

भक्तो के हृदय की पुकार सुनती है रानगिर की मातारानी हरसिध्दी

भारी भीड के साथ नवरात्रि पर लगेगा विशाल मेला
रिपोर्टर: कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । जब जब भक्तो ने हृदय से मां हरसिध्दी को याद किया, मातारानी ने उसकी मांगी हर मुराद पूरी की है यही कारण है कि माता के भक्त भी तरह तरह के कठिन से कठिन जप तप व्रत उपवास कर माता की नौ दिनी भक्ति मे डूब जाते हैं नौ दिनी शक्ति की भक्ति का महापर्व चैत्र नवरात्रि पर समीपस्थ शक्ति पीठ रानगिर मे परम्परागत विशाल वार्षिक मेला का आयोजन होगा।
बता दे की घने जंगल के बीचोबीच रानगिर मे मां हरसिध्दी देवी की ऐसी अद्भुत स्वंभू अनगढ चमत्कारी पाषाण प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह मे विराजमान है जिसके दर्शन मात्र से लोगो की मनोकामनाये पूरी हो जाती है प्रत्यक्षदर्शियो का कहना है कि उन्होने माता के दिन भर मे तीन रुप बदलते देखा है जिसमे सुबह के समय माता की भावभंगिमा बालिका के रूप मे, मध्याह मे षोडषी बाला तो अपरान्ह मे बृध्दमाता के स्वरूप में ममतामयी पावन दर्शन देती है जो बेहद चमत्कारी व कल्याणकारी है माता भक्त के हर कष्ट को हरने व सूनी गोदी को भरने वाली है वैसे तो माता के दरबार रोज ही भारी भीड रहती है और माता उनकी हर मनौती पूरी करती है लेकिन किंवदंती है की मातारानी चैत्र की नवदुर्गा पर स्वंय प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप मे उपस्थित रहकर अपने भक्तो दर्शन देती है। बता दे कि रानगिर की कायाकल्प मे हरसिध्दी लोक के निर्माण की घोषणा से रानगिर के ऐतिहासिक विकास के व्दार खुलने से भक्तो मे अपरिमित हर्ष व्याप्त है रानगिर मे इन दिनो चलने वाले विकासोन्मुखी कार्यो मे रानगिर की जीवन दायिनी व कलकल बहने वाली देहार नदी के सुरम्य पाषाढ पर बनने जा रहे विशाल झूला सेतु की परिकल्पना भी किसी सपने से कम नही है इसके निर्माण से नदिया के पार दुर्गम वन क्षेत्र मे विराजमान बूढी रानगिर माता के पावन दर्शन सुगमता से हो सकेगे वहीं अदृभुत दर्शनीय गौरीदांत, गुफा मंदिर तक पहुंचने मे भक्तो को काफी सहूलियत के साथ साथ रोमांच का अलौकिक अहसास भी दूसरी दुनिया मे ले जाने वाला है। रानगिर मे भक्तो की दिनो दिन बढने वाली भीड को स्थान देने के लिए और बिस्तार की आवश्यकता है। क्योकि रानगिर के हरसिध्दी लोक बनने से भक्तो का जनसैलाब भी उमडना तय है, भक्तो की मूलभूत सुविधाओं व आमोद प्रमोद के संसाधनो मे यहां का तालाब भी चार चांद लगाता है लेकिन हद तो तब हो जाती है जब मेलार्थियों की आवश्यकताओ के लिये बनाया बारहमासी तालाब का पानी प्रतिबंध के बाद भी आसपास के किसानो व्दारा मोटरे लगाकर सिचाई मे लेकर सुखा दिया जाता है इससे नवरात्रि मे रानगिर आने वाले भक्तो को व्यापक जल संकट का सामना करना पडता है। जरुरत तो इस बात की है की रानगिर तालाब को मेले के पहले से गहरीकरण कर लबालब भरा तैयार रखा जावे जिससे हजारो हजार मेलार्थियों को निस्तार व नौकायन आदि में इसका लाभ मिल सके इस बार मेला प्रशासन व्दारा मंदिर परिसर का बिस्तार सौंदर्य करण पर भी अपेक्षित ध्यान दिया गया है इसका लाभ श्रृध्दालुओ को मिलेगा, रानगिर के लिये एनएच 44 ज्वाप, पांच मील, गौरझामर के अलावा अब एक और नवीन मार्ग एनएच 44 गुरू चौपडा गौरझामर, से पक्का सीसी रोड सुलभ सडक मार्ग है इस वर्ष रानगिर मे चहुंओर पक्के सडक मार्गो की सुविधा होने भक्तो की अपारभीड उमडने की संभावना है।

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