क्राइम

सतहरी राशन दुकान से बाजार में बिकने जा रहा 17 बोरी गेहूं को तहसीलदार ने किया जप्त

रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । जिले में किस प्रकार से समितियों में अनियमित्ताओं का बोलबाला चल रहा है ।
जानकारी के अनुसार उदयपुरा तहसील के अंतर्गत संचालित हो रही वन समिति के माध्यम से गरीबों को राशन का वितरण किया जाता है। परन्तु 9 नवम्बर को रात्रि में वन समिति के विक्रेता सेल्समैन सुरजीत सिंह राजपूत के द्वारा ट्रेक्टर ट्राली के माध्यम से सतेहरी समिति से 17 बोरी गैहूँ की उदयपुरा में बेचने को जा रहा था। सूचना उदयपुरा तहसीलदार आस्था चिढ़ार और खाद्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर राजेश तिवारी को मिलते ही तत्काल रास्ते में इस ट्रैक्टर ट्राली को रोक कर पूछताछ करने पर खुलाशा हो पाया। बताया जाता है कि वन समिति के प्रबंधक सरदार सिंह राजपूत है।
जिनके द्वारा कई वर्षों से वन समिति का संचालन किया जाता है। बताया जाता है कि सतेहरी की सेवा सहकारी संस्था की शिकायतों के बाद जांच के उपरान्त इस दुकान को निलंबित करने के उपरान्त वन समिति को दिया गया था। और वही कारनामा सेवा सहकारी संस्था ने किया और उन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए वन समिति ने भी यह कारनामा करते हुए परम्परा का निर्वाहन जरूर किया। ज्ञात हो कि समितियों में अनियमित्ताऐं और भ्रष्टाचार न हो सके जिसके लिए मध्यप्रदेश शासन के द्वारा समितियों में अध्यक्ष की जगह प्रशासक को नियुक्त किया गया है। परन्तु प्रशासक समितियों पर अंकुश लगाने में लगातार नाकामयाब हो रहे है। और प्रस्ताव और चैकों पर हस्ताक्षर कराने के लिए इन समितियों के प्रबंधकों को सहकारिता विभाग रायसेन बुलाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं और जिस कारण इन समितियों पर अंकुश लगने की जगह यह समितियां निरंकुश होकर अपने कार्यों को अंजाम प्रदान करती है। इस पूरे मामले में उदयपुरा के खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक राजेश तिवारी ने बताया कि सतेहरी की वन समिति से 17 बोरी गैहूँ की ट्रेक्टर ट्राली के माध्यम से सेल्समेंन सुरजीत राजपूत उदयपुरा ले जा रहा था। और सूचना प्राप्त होते ही रास्ते में ट्रेक्टर ट्राली और उसमें रखा राशन दुकान का 17 बोरी गैहूँ को जप्त करके उदयपुरा थाने की सुपर्दगी में रखा गया। और गैहूँ को वैयरहाउस में भेज दिया गया। और ट्रेक्टर ट्राली को थाने में खड़ा कर दिया गया है। सतेहरी की वन समिति राशन दुकान को शील कर दिया गया है। और सोमवार को सेल्समेन के कथन लेने के उपरान्त प्रकरण दर्ज किया जायेगा।

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