ज्योतिषधार्मिक

आज का पंचांग आज का पंचांग शुक्रवार, 31 मई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 31 मई 2024
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2081 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1945 शक संवत
☪️ कलि संवत 5124 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌓 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि है। अष्टमी तिथि 09:38 AM तक उपरांत नवमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 06:14 AM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा 04:48 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है, वहीं राशि स्वामी शनि है।
⚜️ योग – विष्कुम्भ योग 06:04 PM तक, उसके बाद प्रीति योग
प्रथम करण : कौलव – 09:38 ए एम तक
द्वितीय करण – तैतिल – 08:32 पी एम तक गर
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय- सुबह 5:23 ए एम
🌄 सूर्यास्त- शाम 7:13 पी एम
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌅 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:24 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:47 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:37 पी एम से 03:33 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:13 पी एम से 07:33 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:14 पी एम से 08:15 पी एम
💧 अमृत काल : 09:16 पी एम से 10:47 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:59 पी एम से 12:39 ए एम, जून 01
💥 स्थायीजयद योग- 31 मई 2024 को सुबह 9 बजकर 39 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में बताशे चढ़ाएं।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – गुरु उदय (पूर्व)-पंचांग भेद, विश्व धूम्रपान निषेध दिवस, राजनीतिज्ञ राजीव चंद्रशेखर जन्म दिवस, हिंदी फ़िल्मों में शीर्ष निर्देशक राज खोसला जन्म दिवस, स्वतंत्रता सेनानी द्वारका प्रसाद मिश्रा स्मृति दिवस, राष्ट्रीय मुस्कान दिवस, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 299 वीं जयंती, वेब डिज़ाइनर दिवस, राष्ट्रीय यूटा दिवस, बेवफाई से नुकसान जागरूकता दिवस, राष्ट्रीय मैकरून दिवस, राष्ट्रीय मुस्कान दिवस, पंचक जारी ✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है। 🗽 *_Vastu tips* 🗼
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर, दफ्तर या फिर किसी भी भवन की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इस दिशा को पवित्र दिशाओं में से एक माना गया है। इस दिशा में बैठकर अक्सर धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रम किये जाते हैं। वास्तु के अनुसार, इस दिशा में बैठकर अगर मंत्र जप किये जाएं तो व्यक्ति को जल्दी सिद्धियां प्राप्त हो सकती हैं। धार्मिक दृष्टि से ईशान कोण का क्या महत्व है आइए आचार्य श्री गोपी राम से अब इस बारे में जानते हैं।
ईशान कोण का धार्मिक महत्व
धार्मिक दृष्टि से ईशान कोण को देवताओं का निवास स्थल माना जाता है। इसीलिए ईशान कोण में घर या दफ्तर का पूजा स्थल बनाने की सलाह ज्योतिषाचार्यों द्वारा दी जाती है, और इस दिशा में बैठकर पूजा करने को कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। इसलिए वास्तु शास्त्र में भी और धर्म शास्त्रों में भी इस दिशा को बेहद शुभ और मंगलकारी माना गया है। अगर आप इस दिशा में साफ-सफाई बनाकर रखते हैं, घर का पूजा स्थल यहां बनाते हैं तो आपके जीवन में भी सकारात्मकता बनी रहती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पैदल चलने से आपका दिमाग साफ़ रहता है। यह आपको एक अलग दृष्टिकोण प्रदान करता है।
लिप्त होना एक दिन की छुट्टी लें और उसे वही करने में बिताएं जो आप चाहते हैं।
उदार बनो किसी अजनबी को कुछ दें। दयालुता के कार्य हमें अंदर से गर्मजोशी और झंझट महसूस कराते हैं।
चुप रहो किसी कॉफ़ी शॉप या व्यस्त सड़क पर बैठें और अपने आस-पास का आनंद लें। आपको लोगों से बात करने की ज़रूरत नहीं है
स्वयं को शिक्षित करें शोध करें कि आप क्या अनुभव कर रहे हैं। समस्या से सीधे निपटने के लिए अपने आप को ज्ञान और संसाधनों से लैस करें।
अपनी ताकत पर ध्यान दें अपनी 20 शक्तियों की सूची लिखें और उन पर मनन करें। यह आपके आत्मसम्मान को बढ़ाने में मदद करता है।
आगे बढ़ते रहो. चाहे कुछ भी हो छोटे-छोटे कदम उठाते रहें। स्थिर रहना आपकी सेवा नहीं करता।
किसी पुराने शौक को दोबारा याद करें। यदि आपके पास एक नहीं है, तो एक बनाएं।
प्राथमिकता दें. तय करें कि अभी क्या महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त दायित्वों को ना कहें.
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
भाई जान लेते हैं कि सुखी खासी को खत्म करने के लिए कौन सा सबसे बेहद कारगर घरेलू उपाय होता है।
सुखी खांसी को खत्म करने के लिए आपको मैं जो बता रहा हूं उसको अगर आप फॉलो कर लेते हैं तो आपके सुखी खासी हमेशा के लिए जरूर खत्म हो जाएगी इसके लिए आपको अदरक का बड़ा सा टुकड़ा लेना है और उसको अपने मुंह में रख लेना और उसको धीरे-धीरे कम से कम 2 से ढाई घंटे तक अपने मुंह में रखना और धीरे-धीरे चबाते रहना है इससे आपको बहुत ज्यादा आराम मिलेगा और आपकी खांसी धीरे-धीरे बिल्कुल खत्म हो जाएगी।
इस नुस्खे को आप सुबह और शाम अगर ज्यादा समस्या है तो आप दोपहर में भी कर सकते हैं। लेकिन एक सवाल आपके मन में जरूर आया होगा कि अदरक से हमारे पेट में गर्मी हो जाएगी तो आपके पेट में गर्मी होगी लेकिन हल्की फुल्की होगी अगर आप अंग्रेजी दवाओं का सेवन करते हैं तो उसके तो भैया वह साइड इफेक्ट होते हैं तो इसलिए आप अदरक को खाइए अदरक से ज्यादा नुकसान नहीं होता है यह अदरक आपके सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है अगर आपको बुखार वगैरा के समस्या है तो भी उसमें आपको अदरक से आराम मिलेगा मेरा यह आजमाया हुआ नुस्खा है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हमेशा पूजा करते करते एक दम से पूजा ना करने का मन नहीं करता क्यों?
पुजारी कभी भगवान से नहीं मांगता वो हमेशा भक्तों से मांगते हैं क्योंकि वे जानते हैं की पत्थर की मूर्ति उन्हें कुछ दे नहीं सकती।
आप भगवान की पूजा भगवान को पाने के लिए नहीं बल्कि धन, नौकरी, सुख और स्वर्ग में जाने के लिए करते हो।
मैं उस भगवान को कैसे मान लूं जो आरती और घंटो की आवाज सुन लेता है पर उसे बहन, बेटियों, पशु पक्षियों की दर्दनाक चीखें सुनाई नहीं देती!
राम राम सब कोई कहे ठग ठाकुर और चोर।
जिस राम से मीरा और प्रह्लाद तरे, वह राम कोई और।।
भगवान/अल्लाह का सबसे अधिक नाम भिखारी लेता है और आजीवन भिखारी ही रहता है!
पूछना है की जिस ईश्वर ने सृष्टि बनाई, पेड़, नदियां, इंसान, जानवर सब कुछ बनाया। उसने अपने लिए मंदिर, मस्जिद और चर्च क्यों नहीं बनाए?
रावण लोगों के मन में निवास कर रहा है और प्रभु श्री राम सिर्फ और सिर्फ मंदिरों में!
मंदिर के अंदर बैठकर जो लिया जाता है वह दान और मंदिर के बाहर बैठकर जो लिया है जाता वह भीख अजब का शब्द छल है। दोनों जगह पर पैसा (धन) माँगा जाता और दोनों ही भगवान के नाम से मांगते है। तो फिर अंदर बैठकर मांगने वाले को पंडित और बाहर बैठकर मांगने वाले को भिखारी क्यों कहते ? दोनों का काम एक जैसा हैं इसलिए दोनों को पंडित ही कहो या दोनों को भिखारी कहो!
शायद इसलिए आपका पूजा करने का मन नहीं करता होगा बीच बीच में।
धन्यवाद।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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