राष्ट्र शौर्य समृद्धि नव कुण्डीय गायत्री महायज्ञ 24 दिसंबर से
सिलवानी । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में नारी सशक्तिकरण वर्ष 2024-25 ग्राम सांईखेड़ा में राष्ट्र शौर्य समृद्धि नव कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का 24 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2025 तक आयोजन किया जा रहा है।
आयोजक अखिल विश्व गायत्री परिवार तहसील सिलवानी ने बताया कि हमारे पूर्वजों ने सद्बुद्धि की देवी गायत्री को माता और सत्कर्म के जनक यज्ञ को पिता के रूप में पूजा, फलस्वरूप हमारी भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति बनी और भारत जगतगुरु, चक्रवर्ती सम्राट, सोने की चिड़िया कहा जाकर सुख, सौहार्द, तथा धनधान्य संपन्न रहा। किन्तु आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव और मनुष्य की संकीर्ण स्वार्थ बुद्धि की उल्टी सोच के कारण भारतीय जनमानस अनगिनत समस्याओं और दैहिक, दैविक संकटों से जूझ रहा है।
वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ, युगऋषि पं. श्री राम शर्मा “आचार्य” ने गायत्री के तत्वदर्शन से जन-जन को जोड़कर एवं यज्ञ को घर-घर में स्थापित कर सभी प्रकार की समस्याओं के निदान का मार्ग हमें दिखाया है।
ग्राम सांईखेड़ा में आयोजित होने जा रहे राष्ट्र शौर्य समृद्धि नव कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में पधारकर आप भी भारतीय संस्कृति के उन महान सूत्रों को जानें जिनसे मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग जैसा वातावरण निर्मित होना संभव है। यज्ञ में निःशुल्क आहुतियाँ देकर पुण्य लाभ प्राप्त करने और विविध संस्कार सम्पन्न कराने हेतु आप सपरिवार सादर आमंत्रित है।
24 दिसम्बर 2025, बुधवार को
दोप. 1 बजे से 4 बजे तक मंगल कलश शोभायात्रा माता मंदिर से बस स्टेण्ड, शिवमंदिर होते हुए यज्ञ स्थल रायश्री गार्डन पहुंचेगी। तथा सायं 6 बजे आद्यशक्ति गायत्री-युग शक्ति गायत्री, प्रवचन होगे।
द्वितीय दिवस 25 दिसम्बर 2025, गुरुवार को प्रातः 6 बजे से ध्यान साधना एवं प्रज्ञा योग प्रात: 8 बजे यज्ञ का ज्ञान-विज्ञान, देव पूजन एवं गायत्री महायज्ञ एवं दोप. 2 बजे कार्यकर्ता गोष्ठी (संगठनात्मक स्वरूप) एवं रासायनिक कृषि से हानि (कृषक सम्मेलन) एवं सायं 6 बजे नारियो जागो स्वयं को पहचानो, राष्ट्र समर्थ और सशक्त कैसे बने ? (सप्त आन्दोलन), दीपमहायज्ञ नशा निवारण संकल्प दिलाया जाएगा।
तृतीय दिवस 26 दिसम्बर 2025, शुक्रवार को प्रातः 6 बजे ध्यान साधना एवं प्रज्ञा योग, प्रातः 8 बजे संस्कार परंपरा गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार, दोपः 2 बजे युगतीर्थ शांतिकुंज गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार एवं पूर्णाहूत्ति एवं वन्दनीया माताजी की जन्म शताब्दी के न्यूनतम संकल्प एवं नशा निवारण संकल्प (साधना, ज्ञानघट अंशदान ज्ञानघट अंशदात, का प्रशिक्षित समयदानी, युग साहित्य प्रचार का संकल्प, कन्याभोज भण्डारा किया जाएगा।



