झिरिया मंदिर के महंत का शिष्य चोरी कर भागा, बाइक हुई दुर्घटनाग्रस्त, पुलिस ने किया गिरफ्तार

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कोहनिया क्षेत्र के प्रसिद्ध झिरिया मंदिर के महंत बाबा रमेश दास पांडे की उनके ही शिष्य द्वारा चोरी कर उनकी बाइक लेकर भाग लिया लेकिन बाइक कम चलाना आने के कारण तेज रफ्तार होने से गेंहुरास गांव के पास मोड़ पर बाइक दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरी ओर वह वहां से भाग लिया। जिसे पुलिस ने उसके घर बाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है।
कोहनिया – मोहनिया क्षेत्र के प्रसिद्ध झिरिया मंदिर के महंत रामेश्वर दास पांडे पिता तुलसीदास पांडे आयु 70 वर्ष निवासी मोहनिया हाल निवास झिरिया मंदिर बेगमगंज के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है कि वे पिछले 25 वर्ष से मंदिर में पूजा अर्चना करते आ रहे हैं और यहीं निवास करते हैं। उनके साथ बाड़ी का रहने वाला संदीप शर्मा नामक व्यक्ति भी रहता था जो खाना बनाकर खाता था और उन्हें भी खिलाता था।
गत दिवस रात्रि करीब 10 बजे जब वह पेशाब करने उठे तो देखा कि उनके कमरे की बाहर से कुंडी लगी हुई थी। तब उन्होंने संदीप शर्मा को आवाज दी लेकिन वह नहीं बोला तो उन्होंने एक गेंती की मदद से खिड़की के नीचे वाली दीवार को तोड़कर वह कमरे से बाहर निकले तो देखा की संदीप अपने बिस्तर पर नहीं है और उनके कमरे के बगल वाला कमरे का सामान बिखरा हुआ पड़ा है । वहां रखी पेटी का भी ताला टूटा है और उसके अंदर रखे पैसे गायब हैं तथा उनकी प्लेटिना बाइक भी नहीं है ।
तब उन्होंने संदीप को मोबाइल पर फोन लगाया लेकिन वह बंद आ रहा था। वह उनके कमरे का ताला तोड़कर कमरे के अंदर पेटी में रखे रूपए पैसे एवं दलान में खड़ी बाइक को लेकर फरार हो गया था। पेटी के अंदर उन्होंने पैसे गिनकर नहीं रखे थे जिससे पता लग सके कि कितने रुपए थे।
इसके बाद उन्होंने अपने शिष्य आशीष गुर्जर एवं रविंद्र यादव को फोन पर घटना की जानकारी दी । तब सुबह शिष्य आशीष गुर्जर के साथ आकर उन्होंने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपित संदीप शर्मा निवासी बाड़ी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्जकर उसकी तलाश की तो पता चला कि जिस बाइक को लेकर वह भागा था वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई है जिससे वह भी घायल हो गया है ओर बाइक घटनास्थल पर भी छोड़कर भाग गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस उसके घर बाड़ी पहुंची और उसको हिरासत में लेकर बेगमगंज आ गई । आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।



