नाबालिग के “अपहरण” का सच 2 घंटे में सामने, नाबालिग ने खुद ही रची थी कहानी

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक नाबालिग के कथित अपहरण की खबर से हड़कंप मच गया था। खेत पर बाइक खड़ी मिली, मोबाइल बंद था और परिजनों को फोन कर अपहरण की कहानी सुनाई गई। लेकिन सुल्तानगंज पुलिस की तत्परता और थाना प्रभारी श्यामराज सिंह राजपूत की सूझबूझ से महज दो घंटे में पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
मामला सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के खजुरिया गुसाई गांव का है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे 17 वर्षीय नाबालिग खेत पर बाइक खड़ी कर अचानक गायब हो गया। मोबाइल बंद होने से परिजन घबरा गए और ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसी दौरान परिजनों के मोबाइल पर नाबालिग का फोन आया। उसने बताया कि तीन लोग उसे कार में उठाकर ले गए और बेहोश कर दिया। होश आने पर वह सहजपुरी के पास कार से कूदकर भाग निकला। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और परिजनों के साथ मौके पर पहुंची और नाबालिग को थाने लेकर आई। थाना प्रभारी श्यामराज सिंह राजपूत ने जब उससे विस्तार से पूछताछ की तो शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती और समझाइश के बाद सच्चाई सामने आ गई।
नाबालिग ने बताया कि वह घरवालों को बताए बिना भोपाल काम करने जा रहा था। खेत पर बाइक छोड़कर मोबाइल एयरप्लेन मोड में कर बस में बैठ गया, लेकिन गलत बस में बैठने के कारण वह सहजपुरी पहुंच गया। घरवालों की डांट के डर से उसने अपहरण की झूठी कहानी बना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महज दो घंटे में पूरा मामला साफ हो गया और क्षेत्र में फैल रही अफवाहों पर भी विराम लग गया।



