घर, परिवार, समाज व देश में शांति बनाएं रखना ही मानव के संस्कार हैं। हमेशा धर्म पर अडिग रहे मानव- रामकृपालु उपाध्याय
सिलवानी। सिलवानी तहसील के ग्राम पिपरिया (वक़्सी) में चल रही सप्तदिवासिय श्री शिव पुराण कथा के पांचवे दिवस कथा व्यास से पंडित राम कृपालु शर्मा ने कहा कि सत्संग, संस्कार का प्रतीक है घर परिवार, समाज मे शांति बनाएं रखना ही मानव के संस्कार हो, मानव के कर्म व्यवहार से मानव की पहचान होती है। अतः सत्यसंग जरूर करे एवं सत्यसंग का लाभ जरूर अर्जित करें।
यह संसार परमात्मा की इच्छा से निर्मित हुआ है। संपूर्ण जीव चराचर की संरचना में भगवान शिव ही समाहित हैं वही इस संसार के मूल तत्व के रूप में विद्यमान हैं, उन से परे कुछ भी नहीं है । शिव तत्व का ज्ञान मानव को अपने जीवन में प्राप्त करके शिव की शरण में स्वयं को संलग्न करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिवपुराण की कथा का श्रवण करता है, उसे अपने आप भगवान शिव की कृपा अनुभूति प्राप्त हो जाती है । इस विकराल कलिकाल में शिव महापुराण ही भगवान शिव का विग्रह स्वरूप है, इसकी कथा सुनने से व्यक्ति के जीवन में, सुख, समृद्धि , यश, वैभव अपने आप प्राप्त हो जाता है।



